गीता की मानक पुस्तकों में प्रत्येक संस्कृत श्लोक के शब्दार्थ के पश्चात् एक छोटा व्याख्यात्मक लेखन होता है। गीता के उपदेश को समझ पाना अक्सर चुनौतीपूर्ण रहा है। हर व्यक्ति घर पर गीता की एक प्रति रखना तो चाहता है लेकिन उसके सन्देश को पूर्णतया समझने में स्वयं को असमर्थ पाता है।
'गीता सार - एक नया परिप्रेक्ष्य' श्रीमद्भागवद गीता के कालातीत ज्ञान को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास है । गीता के अठारह अध्यायों में विस्तृत दिव्य सन्देश को तेरह अलग अलग शीर्षकों में एक नए प्रारूप में प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक लेखक द्वारा किये गए कई वर्षों के शोध का परिणाम है।
इस सेवानिवृत्त वायु सेना अधिकारी ने गीता के गहन ज्ञान को सभी के लिए सहज बनाया है। आप इन पृष्ठों में भगवान् श्रीकृष्ण के दिव्य मार्गदर्शन के पूरे सन्देश को सुरुचिपूर्ण संक्षिप्त रूप में पाएंगे।