इस पुस्तक में गुरू जाम्भोजी के शिष्यों द्वारा रचित मूल साखियों का संकलन कविनाम व अनुमानित जीवनकाल के साथ पृथक पृथक दिया गया है। इसमें 23 ज्ञात कवियों एवं अज्ञात कवियों की कुल 72 साखी दी गई है-
1. उदो जी नैण- 16 साखी
2. आलम जी अग्रवाल- 8 साखी
3. रायचंद जी सुथार- 6 साखी
4. सुदरदीन जी- 3 साखी
5. कुलचंद जी अग्रवाल- 2 साखी
6. समसदीन जी- 2 साखी
7. अमियादीन जी- 1 साखी
8. आछरो जी- 1 साखी
9. एकजी- 1 साखी
10. केसो जी देहड़ू- 1 साखी
11. गुणदास जी- 1 साखी
12. जोधो जी राईका- 1 साखी
13. डेल्हो जी- 1 साखी
14. तेजो जी चारण- 1 साखी
15. भींवराज जी- 1 साखी
16. रविदास जी धतरवाल- 1 साखी
17. रेड़ो जी सांवक- 1 साखी
18. लखमण जी गोदारा- 1 साखी
19. लाखु जी- 1 साखी
20. लालचंद जी- 1 साखी
21. वाजिद जी- 1 साखी
22. शिवदास जी- 1 साखी
23. सुरजन जी- 1 साखी
24. अज्ञात कवि- 18 साखी