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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palकिताब के बारे में
जीवन देने वाले माता-पिता होते हैं। जो हमें सही राह पर चलना सिखाते हैं। बुराई से लड़ना और जिंदगी में आगे बढ़ना सिखाते हैं। माता-पिता हमेशा अपने बच्चों के साथ रहते हैं। चाहे समय मुश्किलों का हो या खुशियों का। वो हर परिस्थिति में हमें अच्छा जीवन देने का विचार रखते हैं। माता-पिता हमें बचपन में उंगली पकड़कर चलना सिखाते हैं। बड़े होने पर जब हम गलतियां करते हैं तो हमे समझाते हैं। जिंदगी में आगे बढ़ना सिखाते हैं। कठिन से कठिन मोड पर हिम्मत ना हारना सिखाते हैं। माता-पिता सार है जीवन का, उनके बिना जीवन अधूरा है क्योंकि माता-पिता ही जन्मदाता है।
संकलक
आयना
अंजलि चौरसिया
"मैं पूरी रहूं फिर भी कुछ रहता है बाकी
मेरे मां-बाबा ही है मेरी खुशियों की चाबी !!"
इनका नाम आयना है। ये राजस्थान के अलवर जिले की रहने वाली है। आयना स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा है। इन्हें डायरी लिखने के साथ-साथ पढ़ने का भी बहुत शौक है। इन्होंने अपनी प्रेरणादायक शायरियां अपने पिताजी से प्रेरित होकर लिखी है। ये महादेव भक्त हैं। इन्होंने 30 से ज्यादा संकलन किताबो में भी अपना लेखन दिया है। इनकी पहली पुस्तक "सीखो जिंदगी को" है।
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