You cannot edit this Postr after publishing. Are you sure you want to Publish?
Experience reading like never before
Read in your favourite format - print, digital or both. The choice is yours.
Track the shipping status of your print orders.
Discuss with other readersSign in to continue reading.

"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palख़ाली घरौंदे उपन्यास अजय सिंह राणा का पहला उपन्यास है जिसे चंडीगढ़ साहित्य अकादमी ने वर्ष 2015 बेस्ट पांडुलिपि चयनित किया था। यह एक भावुक उपन्यास है जिसमें रिश्तो के बिखराव पर कथानक टिका है। आकाश और काजल के माध्यम से यह कहानी पाठकों के दिल को छू जाती हैं। यह उन दोनों के संघर्ष की कहानी है। 'ख़ाली घरौंदे', का असर उन कलात्मक फिल्मों की तरह है, जिनके समाप्त हो जाने के बाद भी आप कुछ पल आँखें मूँद चुपचाप बैठे रहना चाहते हैं। उस समय या तो आप उन क्षणों को जी रहे होते हैं या उन पर गहन चिंतन करना चाहते हैं। अजय सिंह राणा द्वारा लिखित यह उपन्यास न केवल मस्तिष्क को बुरी तरह से झिंझोड़ता है बल्कि कई स्थानों पर अनजाने में आपके जीवन के पृष्ठ भी पलटता चलता है। यही उनकी लेखनी की सफ़लता और सार्थकता भी है।
जैसे-जैसे आकाश, काजल, कोमल, कपिल के चरित्रों से आपका साक्षात्कार होता है, ह्रदय उन्हें आसपास ही महसूस करता है। इस उपन्यास की विषयवस्तु ही ऐसी है कि पात्रों से जुड़ी कई घटनाएँ आपबीती लगती हैं, यहाँ तक कि कई स्थानों पर मुख्य पात्र भी चेहरे के साथ ही नज़र आते हैं। आख़िर यही तो है ज़िंदगी! तमाम संघर्षों और उदासियों के बीच कुछेक हँसी के पल और उम्र भर का मलाल!
It looks like you’ve already submitted a review for this book.
Write your review for this book (optional)
Review Deleted
Your review has been deleted and won’t appear on the book anymore.अजय सिंह राणा
हरियाणा साहित्य अकादमी से पुरस्कृत उपन्यास "तेरा नाम इश्क़' के लेखक अजय सिंह राणा का जन्म 01 फरवरी 1979 को करनाल जिले के गाँव गोंदर में हुआ था। इनका पालन पोषण और आरम्भिक शिक्षा शहर घरौंदा में हुई और उच्चतर शिक्षा के लिए इन्होंने करनाल, जम्मू विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, इग्नू विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में अध्ययन किया। चार विषयों (भूगोल, शिक्षाशास्त्र, हिंदी साहित्य और मनोविज्ञान) में स्नातकोत्तर डिग्री, बी.एड., आपदा प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा, और अंग्रेजी शिक्षण में स्नातकोत्तर सर्टिफिकेट कोर्स आदि डिग्रियां प्राप्त करके शैक्षिक दृष्टि से सम्पन्न यह रचनाकार आज समकालीन हिंदी साहित्य में किसी परिचय का मोहताज़ नहीं है। ये एक संवेदनशील लेखक माने जाते हैं।
प्रसारण : आकाशवाणी और आज तक टीवी चैनल' के साहित्य तक कार्यक्रम में कहानी और कविताओं का प्रसारण।
पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन : हंस, 'नया ज्ञानोदय, 'अहा जिंदगी, हिंदी आउटलुक, रसरंग, मधुरिमा, हरिगंधा, पुष्पगंधा, दैनिक ट्रिब्यून, दैनिक भास्कर, अमर उजाला, दैनिक जागरण आदि ।
सम्मान : श्रेष्ठ कृति पुरस्कार 2019 (तेरा नाम इश्क उपन्यास को हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा)
चंडीगढ़ साहित्य अकादमी द्वारा 'बेस्ट बुक ऑफ द ईयर अवार्ड 2020' तुम जिंदा हो माँ काव्य -संग्रह
जयपुर साहित्य सम्मान 2022
प्रकाशित पुस्तकें : उपन्यास (ख़ाली घरौंदे, तेरा नाम इश्क़)
कहानी -संग्रह-मकड़जाल
तीन काव्य-संग्रह (उम्मीद के किनारे, भीगे हुए ख़त, तुम ज़िंदा हो माँ)
लघु शोध कार्य : उपन्यास ख़ाली घरौंदे पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा
सम्प्रति : अध्यापक, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग
वर्तमान पता : चंडीगढ़ 160020
ईमेलः ranageographer@gmail.com
India
Malaysia
Singapore
UAE
The items in your Cart will be deleted, click ok to proceed.