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Khamoshi Mein Kahi Huyi / खामोशी में कही हुई अधूरापन और स्मृति / Adhurapan aur smriti

Author Name: Kshitish Dash | Format: Hardcover | Genre : Poetry | Other Details

“ख़ामोशी में कही हुई”

केवल कविताओं का संग्रह नहीं है—
यह एक मनुष्य की
टूटन, तलाश, प्रेम, पिता-भाव,
आत्मबोध और वैराग्य की यात्रा है।

इन पंक्तियों में
प्रेम और समर्पण है,
विरह और जुदाई का बोझ है,
स्मृति और ख़ामोशी का संवाद है,
अकेलापन और अस्तित्व के प्रश्न हैं,
जीवन, समय और समाज से टकराव है,
और अंत में—
स्वीकृति, वैराग्य और शांत अधूरापन।

यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है
जो शब्दों से अधिक
भावनाओं की भाषा समझते हैं।

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Hardcover 379

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क्षितिश दाश

लेखक मानवीय भावनाओं, स्मृति और ख़ामोशी का एक संवेदनशील पर्यवेक्षक है।

उनकी कविताएँ प्रेम और विरह, पिता-भाव, आंतरिक संघर्ष और अधूरेपन के साथ जीने के साहस को
अभिव्यक्त करती हैं।

उनका लेखन उत्तर देने या दिलासा देने का प्रयास नहीं करता,
बल्कि उन अनुभवों का साक्ष्य बनता है

जो गहराई से महसूस किए जाते हैं,
पर अक्सर कहे नहीं जाते।

ख़ामोशी में कही हुई
उसी मौन में जीवित रह गई अनुभूतियों को स्वर देने का प्रयास है।

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