इस पुस्तक में जाम्भाणी हजुरी कवि पदम भगत कृत 'किसनजी रो विवाहलो' नामक आख्यान काव्य संकलित है। जो कि क्रिसनजी रो ब्यावलो व रूकमणी मंगल आदि अन्य नामों से भी प्रसिद्ध है। उपरोक्त आख्यान काव्य निम्न क्रम में है:-
1. कवि एवं रचना परिचय
2. वंदना
3. प्रस्तावना
4. शिशुपाल का कुनणापुर पहुंचना
5. रूकमणी की व्यथा
6. रूकमणी द्वारा कृष्ण को संदेश भेजना
7. कृष्ण की बरात
8. गणपत प्रसंग
9. कृष्ण का कुनणापुर पहुंचना
10. अंबिका पूजन और हरण
11. युद्ध
12. शिशुपाल और भाभी
13. कृष्ण रूकमणी विवाह
14. रूकमणी की विदाई
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