"कुछ अनकहे एहसास" छन्द मुक्त विधा पर आधारित कविताओं का संग्रह है, जिनका मुख्य स्वर प्रेम भाव है | छन्द मुक्त रचनाओं की सबसे सौम्य विशेषता है, खुले परिंदों की तरह अपने विचारों की उड़ान भरकर एक ऐसी रचना का सृजन करना जो बिना किसी स्वर या लय के ही मधुर तान बनकर पढ़ने वाले के हृदय को छू लेती है । और ऐसा ही अनुभव डॉ. सोनिया की इन कविताओं में किया जा सकता है | इस काव्य संग्रह में कवयित्री ने एक प्रेयसी की अपने प्रिय के प्रति जुड़ी कुछ खट्टी मीठी यादों को उभारा है | जाने वाला इंसान चला जाता है, बस रह जाती हैं, तो बातें और यादें, एक अनकहा एहसास बनकर | इन रचनाओं को पढ़कर आप सभी को एक ऐसे अध्भुत बंधन का आभास होगा, जिसमें दो लोग असीम प्रेम और निष्ठा से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं | उनके जीवन के कुछ पल सुखद, तो कुछ पल दर्दमय स्मृति बनकर रह गए |