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Manjhi, Naiya Dhoonde Kinara / माँझी, नैया ढूंढे किनारा Upanyas

Author Name: Dr. Tara Singh | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

“माँझी, नैया ढूंढे किनारा”, यह उपन्यास रिश्ते के अनेक दिशाओं में, फैलने वाले प्रकाश की तरह, एक बहु संकेतिक उपन्यास है|नीता अपनी मोहब्बत को, आराधना की वेदी पर, रंजीत बाबू के लिए न्योछावर करने के लिए आतुर रहती है| उसकी हर साँस, मन्दिर की आरती की तरह अपने चहेते (रंजीत बाबू) पर समर्पित है| बावजूद उसे अपने मोहब्बत की बाँहों में रहने की आकांक्षी नहीं है| वह तो अपने असंख्य बन्धनों के बीच रहकर अपने मोहब्बत का स्वाद चखना चाहती है| 

यह जानते हुए भी कि, वह किसी की पत्नी है, उसका प्यार विष्णुदेव जी हैं| उनके जीते जी, पर पुरुष की स्मृति भी अपने दिल में लाना पाप है, निंदनीय है|एक सच्ची आर्य नारी ऐसा कभी नहीं कर सकती, क्योंकि शादी के बाद प्रेम का अर्थ है, पति प्रेम!

पर नीता का मानना है, जब तक एक दूसरे के ह्रदय पर अधिकार नहीं, वैसा प्रेम जीवन-भार स्वरुप है| प्रेम में अगर प्रेम को खींचने की शक्ति नहीं है, तब यह एकतरफा प्रेम कैसा? प्रेम ईश्वरीय प्रेरणा है, इश्वरी संदेश है| प्रेम के संसार में आदमी बनाई सामाजिक व्यवस्थाओं का कोई मूल्य नहीं है| विवाह समाज के संगठन कि, केवल एक आयोजना है|

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डॉ. तारा सिंह

डॉ. तारा सिंह, जाने-माने हिंदी साहित्यकार, एक बहुमुखी लेखक, कवि, लघु कथाकार, उपन्यासकार, गजलकार, फिल्मी गीतकार और निबंध रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हैं| अब तक उनकी 50 पुस्तकें प्रकाशित होकर विश्व-व्यापी ख्याति अर्जित कर चुकी हैं| सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों, व्यक्तिगत और सामाजिक विषयों, जीवन के दर्शन और वास्तविकता, जन्म और मृत्यु चक्र, आदि से सम्बंधित इन्होंने अपनी भावनात्मक और विचारशील रचनाओं के लिए व्यापक प्रशंसा प्राप्त की है|

इनकी रचनाएँ  हमेशा वास्तविक तथ्यों और व्यक्तियों / परिवार के सदस्यों / दोस्तों के बीच संबंधों के मूल पहलुओं से संबंधित होता है| इस प्रकार, वे न केवल सुखद प्रेम का चित्रण करती है, बल्कि निराशा, विश्वासघात और अव्यवस्था जैसे विषयों पर भी लिखती रही हैं|

ये वर्तमान में www.swargvibha.com (एक प्रमुख हिंदी वेबसाइट) और स्वर्गविभा हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के प्रधान संपादक और प्रशासक के रूप में काम कर रही हैं| 

इन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा 257 पुरस्कार / सम्मान / मानदोपाधि / ट्राफी से सम्मानित किया जा चुका है| इनकी रचनाएँ / पुस्तकें अब www.swargvibha.com और www.kukufm.com (ऑडियोबुक के रूप में), Google पुस्तकें, www.amazon.in, www.flipkart.com, इंस्टा पब्लिश, सुमन प्रकाशन, www.pothi.com, सेंट्रल एन्ड स्टेट लाइब्रेरीज़ इन इंडिया और दुनिया भर के 30 अन्य वेबसाइटों पर, दुनिया भर में उपलब्ध हैं| इनकी जीवनी बार्न्स एंड नोबल (यूएसए 2011) द्वारा और रिफासिमेंटो इंटरनेशनल द्वारा “हूज़ हू” 9 बार (2006-2019) और विकिपीडिया में प्रकाशित की गई हैं| इनकी रचनाएँ हमेशा गंभीर विचारों, विषयों, घटनाओं की गति और जीवन के दर्शन से भरी होती हैं|

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