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Mera Pahala Junu Ishq Aakhari / मेरा पहला जुनूं इश्क़ आख़री Kavitaon ka safar with rishabh

Author Name: S. Rishabh Bhatt | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

सुना है मोहब्बत में दुनिया जीत लेने की और मोहब्बत में शिकस्त खाने की एक उम्र होती है। इस उम्र में दिल अनगिनत बार धड़कता है, लेकिन हर धड़कन सिर्फ एक इंसान के लिए होती है। वो इंसान आपके जिंदगी में सबसे बड़ा बदलाव बनकर आता है। जिसने भी इस बदलाव को जिया है या कहें कि जिसने भी इश्क किया है ये किताब उनके लिए है।

मैंने अपनी कलम से जो पहली लाईन लिखी वो 'परिवर्तन का समय' था। किसी की इबादत में कलम से निकली कुछ लाइनें दिन प्रतिदिन सभी के दिलों में एक प्यार बनकर उभरती गईं। धीरे-धीरे इस इश्क़ में लफ्ज़ बदलने लगें तो मालूम हुआ कि एक दुनिया है जो सभी के अंदर बसती है। अब बस इस बसावट को देखना था और जो भी दिखे, जो भी महसूस हो उसे शब्दों में पिरोने का एक सिलसिला जारी हो गया। जाने-अनजाने में जिंदगी के सभी चाहे अनचाहे पहलू एक एक करके आंखों पर पलकों जितना करीब आने लगें। फिर भी दिल ने मुस्कुराया, और इश्क किया। यही इश्क़ मुझे हर किसी में नजर आने लगी। मुझे जो भी दिखाई दे रहा था मैंने उसे शब्दों में लिखा, जिनमें खुद मेरी एहसासें भी शामिल थीं। यकीनन ये इश्क़ ही था। इन्हीं इश्क़ की कड़ियों से मिलकर बनी ये किताब "मेरा पहला जुनूं इश्क़ आख़री" आपके लिए ही है।

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Paperback

Ratings & Reviews

5 out of 5 (6 ratings) | Write a review
shemeherbhatt18

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★★★★★
Ye book padh ke sach me dil ka kuch hissa hil gaya. Har poem itni natural aur relatable hai ki lagta jaise mere hi jazbaat hain. 💖📖
siyid21084

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★★★★★
OMG 💖, yeh book bas dil ko chhoo gayi! Har page padhte hi lagta hai jaise koi softly keh rahi ho—“Pyaar me sab kuch possible hai” ✨💘💭
fajoge1050

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★★★★★
Yeh book sirf shayari nahi, dil ke tukde aur adhuri khwahishon ka ehsaas hai 💔✨ Har lafz se bas ek hi baat samajh aati hai…✨❤️😍🥀
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एस. ऋषभ भट्ट

ऋषभ भट्ट एक भारतीय कवि और कथा-लेखक हैं, जिनका लेखन प्रेम, विरह, चुप्पी, आस्था, इतिहास और मानवीय भावनाओं के भीतर छिपे मौन सत्यों को छूता है। वे हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखते हैं और अपनी भावनात्मक कविताओं व आत्ममंथन से भरी कहानियों के लिए जाने जाते हैं, जो उन पाठकों से जुड़ती हैं जो शब्दों से आगे कुछ तलाशते हैं।

उनकी साहित्यिक यात्रा में प्रेम-कविता, प्रेरणात्मक रचनाएँ, भक्ति लेखन, ऐतिहासिक विषय और समकालीन कथा-साहित्य शामिल हैं, जहाँ सरल भाषा के साथ भावनात्मक गहराई देखने को मिलती है। ऋषभ का मानना है कि लेखन पूर्णता का नहीं, बल्कि सच्चाई का नाम है—और उनकी रचनाएँ अक्सर उन भावनाओं को आवाज़ देती हैं जो कही नहीं जातीं, लेकिन गहराई से महसूस की जाती हैं।

वे कई कविता-संग्रहों और कथा-कृतियों के लेखक हैं, जिनमें मैं उसको ढूंढूंगा अब कहां?, देव वंदना, सिंधपति दाहिर : 712 AD, Incompleteness At Every Turn और Unsaid Yet Felt शामिल हैं। उनकी पुस्तकें Pothi.com, Amazon, Flipkart और Notion Press के माध्यम से प्रकाशित हैं।

पुस्तकों के अलावा उनकी कविताएँ Amar Ujala Kavya, Pratilipi और Arattai जैसे प्रमुख साहित्यिक मंचों पर भी पढ़ी जाती हैं, जहाँ उनका लेखन निरंतर नए पाठकों तक पहुँच रहा है। वे अपने आधिकारिक साहित्यिक ब्लॉग RishNova पर भी मौलिक रचनाएँ प्रकाशित करते हैं, जो उनकी कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का निजी संसार है।

अपने लेखन के माध्यम से ऋषभ भट्ट आज भी उन पाठकों से जुड़ते हैं, जो मानते हैं कि कविता सिर्फ पढ़ी नहीं जाती—उसे जिया जाता है।

आधिकारिक वेबसाइट:

rishabhbhatt1729.blogspot.com

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