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Nand Ke Anand / नंद के आनंद

Author Name: Nikhil Jain, Vaishnawi Kumari | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

नटखट कन्हैया जिनके सहस्त्रों नाम हैं, उन कान्हा की उपमा शब्दों में व्यक्त करना तो मानो किसी कवि के सामर्थ्य की बात है ही नहीं। प्रेम के वशीभूत होकर हमारा एक किंचित सा प्रयास है गिरधारी के समक्ष अपना प्रेम शब्दों में प्रस्तुत करने का। यहां प्रत्येक लेखक के लेख कृष्ण प्रेम में सने हुए शब्दों से अलंकृत हैं। आशा है, प्रत्येक पाठक के मन को ये भाएं और यदि कोई त्रुटि हो तो हमारे कृष्ण कन्हाई हमें अबोध समझ कर क्षमा करे।।

कभी माखन चोर तो कभी लीलाधर कहते हैं,

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निखिल जैन, वैष्णवी कुमारी

निखिल जैन, एक नवयुग के लेखक हैं, जो की धुले, महाराष्ट्र से संबंध रखते है। ये अपना ज्ञान दूसरो के साथ साझा करना, यात्रा करना, नई नई खोज करना और रचनात्मकता का बेहद शौक रखते है। इन्हें लिखना पसंद है, और इनका मानना है, कि लेखन से हम अपनी आंतरिक भावनाओं का भली भांति बखान कर सकते है। ये 30 से अधिक पुस्तकों के संकलनकर्ता रह चुके है और इनका स्वयं का एक ऑनलाइन प्रकाशन "Unite Publication" भी है। इ

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