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Philosophy of Kaliyuga (Kaliyug ka Darshan) / कलियुग का दर्शन

Author Name: Ayush Mohan Mishra | Format: Paperback | Genre : Philosophy | Other Details

कलियुग वह युग है जिसमें हर मनुष्य अपने ही भीतर गिर चुका है। लगभग हर रिश्ते में प्रेम और समझ की जगह अहंकार ने ले ली है। इंसान वासना और इच्छाओं के पीछे पागलपन की तरह भाग रहा है। हर व्यक्ति भगवान का नाम तो लेता है, और खुद को सबसे बड़ा भक्त दिखाता है, लेकिन अपने भीतर वह जानता है कि वह वास्तव में कैसा है। धोखा और लालच जीवन का सामान्य हिस्सा बन चुके हैं। मन बोझिल हैं और हृदय अशांत। लगभग हर व्यक्ति चिंता और अवसाद में जी रहा है, क्योंकि वह केवल लेना चाहता है, देना नहीं। “सब कुछ मुझे ही मिले” की चाह ने करुणा, धैर्य और आंतरिक शांति के लिए कोई स्थान नहीं छोड़ा है। यह पुस्तक उसी कलियुग को प्रकट करती है जैसा कृष्ण ने उसका वर्णन किया था, और उससे ऊपर उठने का वह मार्ग भी दिखाती है जो उन्होंने बताया।

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आयुष मोहन मिश्र

आयुष मोहन मिश्र भारत के सबसे युवा आध्यात्मिक और दर्शन लेखक हैं।
वे एक इंटरनेट उद्यमी और लेखक हैं। वे “The Secret of Your Spiritual Power” पुस्तक के बेस्टसेलिंग लेखक हैं। यह पुस्तक उन्होंने युवाओं के लिए लिखी है, ताकि वे आध्यात्मिकता के महत्व को समझ सकें और ध्यान व योग के माध्यम से चिंता, अवसाद और दुःख से मुक्त होना सीख सकें।

आयुष मोहन मिश्र का जन्म 6 अप्रैल 1999 को गोला गोकर्णनाथ, उत्तर प्रदेश में हुआ। वे Boketto, Inc. के संस्थापक हैं। इस कंपनी के दो प्लेटफ़ॉर्म हैं—BokettoHumans और Boketto Prints (एक पर्सनलाइज़्ड गिफ्ट प्लेटफ़ॉर्म)। वे युवाओं के लिए लिखते हैं ताकि कम उम्र से ही उनमें आध्यात्मिक सोच विकसित हो सके। आध्यात्मिकता योग और ध्यान जैसी सबसे शांत और शांति देने वाली गतिविधि है।

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