साहित्यिक प्रिय
पुस्तक का नाम साहित्यिक प्रिय है और इसमें सभी "हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है" उससे संबंधित है। हिंदी साहित्य है और प्रिय हमने अपने नाम से जुड़ा है। इसलिए इस पुस्तक का नाम साहित्यिक प्रिय रखा है। सभी साहित्यकारों ने हिंदी से संबंधित खूबसूरत रचना लिखी हैं। उन्होंने हिंदी विषय का महत्व इस पुस्तक के द्वारा देश को एक संदेश प्रदान करने का प्रयास किया है। भले आप अंग्रेजी बोले लेकिन हिंदी का महत्व ना भूले। हिंदी हमारी जननी है इसी से हमारी जिंदगी है। जब बच्चा बड़ा होता है पहला शब्द बोलता माँ और बाद में सिखाया जाता मॉम, मदर, मम्मी शब्द। हिंदी हमारी रूपरेखा है। हर जगह हो हिंदी का प्रभाव यही है हमारा प्रयास।