डॉ. तारा, हिंदी साहित्य जगत की एक सफल कथाकार हैं | इनकी बेमिसाल लेखनी के माध्यम से , जब किसी गरीब ,बेवश की आहें फूटती हैं , तब पाठक का मन दर्द से कराह उठता है | कथानक के समस्त पात्र और घटनाएँ काल्पनिक होने के बावजूद, सजीव होकर बातें करने लग जाती हैं | सामाजिक कुरीतियों और विषमताओं को उजागर करती, डॉ. तारा ने, ‘समीरा’ को एक मानवीय रूप ग्रहण कराकर आप पाठकों के समक्ष रखने की कोशिश की है | इस कहानी-संग्रह में कुल उन्नीस छोटी-बड़ी कह