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SHAKTI TO SHIVA / शक्ति से शिव तक ब्रह्मांड से पिण्ड तक की अंतर्यात्रा

Author Name: Reetika Agarwal | Format: Paperback | Genre : Others | Other Details

क्या शिव और शक्ति केवल देवताओं के प्रतीक हैं, या वे चेतना और सृष्टि के गहरे विज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं?

आज की तेज़ भागती दुनिया में हम अक्सर बाहर उत्तर खोजते-खोजते यह भूल जाते हैं कि ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्य हमारे भीतर ही छिपा है। “शक्ति से शिव तक — ब्रह्मांड से पिण्ड तक की अंतर्यात्रा” इसी आंतरिक खोज का आमंत्रण है।

यह पुस्तक शिव-शक्ति, चेतना, कुंडलिनी, चक्र, नाड़ियों और मानव शरीर के आध्यात्मिक विज्ञान को सरल भाषा में समझाती है। लेखक ने वेद, उपनिषद, तंत्र, योग और ललिता सहस्रनाम की परंपरा को आधुनिक विज्ञान, न्यूरोसाइंस और चेतना अध्ययन के दृष्टिकोण से जोड़ने का प्रयास किया है।

इस पुस्तक में आप जानेंगे:

• ब्रह्मांड की उत्पत्ति और चेतना का रहस्य
• शिव और शक्ति का वास्तविक दार्शनिक अर्थ
• मानव शरीर के तीन शरीर, पाँच कोष, सात चक्र और 72,000 नाड़ियों का विज्ञान
• भक्ति, मंत्र, ध्यान और साधना के पीछे छिपा आध्यात्मिक तंत्र
• भोग से मोक्ष तक की साधक यात्रा

यह पुस्तक विशेष रूप से उन आधुनिक seekers, ध्यान साधकों, योग अभ्यासियों और आध्यात्मिक जिज्ञासुओं के लिए लिखी गई है जो परंपरा और विज्ञान के बीच एक सेतु खोज रहे हैं।

यदि आप जानना चाहते हैं कि मानव शरीर ही ब्रह्मांड का सूक्ष्म रूप कैसे है, और कैसे चेतना की यात्रा शक्ति से शिव तक पहुँचती है—तो यह पुस्तक आपकी अंतर्यात्रा का पहला कदम बन सकती है।

Keywords: शिव शक्ति, कुंडलिनी, चक्र, ध्यान, तंत्र, योग, चेतना, आध्यात्मिक विज्ञान, ललिता सहस्रनाम, देवी साधना।

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रीतिका अग्रवाल

रीतिका अग्रवाल का जीवन दो यात्राओं का अनोखा संगम है—एक सफल कॉर्पोरेट करियर और दूसरी गहन आध्यात्मिक खोज।

अपने पेशेवर जीवन में उन्होंने Sony, Epson और Mahindra जैसी वैश्विक कंपनियों के लिए डिजिटल मीडिया रणनीतियों का नेतृत्व किया और Apollo Tyres के लिए किए गए एक अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट पर Cannes Silver Award भी प्राप्त किया।

परंतु उनकी वास्तविक खोज भीतर की यात्रा थी।
11 वर्ष की आयु से दुर्गा सप्तशती का पाठ उनकी साधना का आधार बना, जो पिछले 26 वर्षों से निरंतर चल रहा है। पिछले 13 वर्षों में उन्होंने ध्यान, चक्र साधना, कुण्डलिनी और चेतना के अभ्यासों में 10,000 से अधिक घंटे समर्पित किए हैं।

उनकी पुस्तक “शक्ति से शिव तक — ब्रह्मांड से पिण्ड तक की अंतर्यात्रा” Devi Consciousness Series की पहली कड़ी है, जो आधुनिक साधकों के लिए देवी साधना और चेतना के विज्ञान को सरल और अनुभवपरक रूप में प्रस्तुत करती है।

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