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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palउर को ‘सू-ए-चमन’ (एक बड़े बगीचे के दौरे) पर जाने दें, जहाँ आप "हुस्न", "प्यार", "मोहब्बत" और "आशिक" के कई रंगों के साथ आयेंगे| वहाँ आपको जीवन के पहलुओं की एक झलक मिलेगी| "बेफिक्री", "मौज" और चमकदार रोशनी आपके दिल में "नयाब" और खुशबू की एक माला प्रवेश करने के लिए वहाँ मौजूद होगी| अगर आप अन्यमनस्क हैं तो आप को "नसीहत" आपको चेतावनी देने के लिए उपस्थित होगी|
डॉ. तारा सिंह की ग़ज़लें, जीवन का एक विशाल खजाना हैं| ईमानदारी से, "रूहानियत", ताना, "वतनपरस्ती", "मैकदा" जो आपके दिल को बेफिक्र रूप से कंपित करेगा, एक खुली किताब की तरह जीवन का हर पहलू आपके सामने होगा| हालांकि बगीचों में फूल बढ़ते हैं, लेकिन गुलदस्ते की तैयारी, माली के कौशल पर निर्भर करती है| "नफासत", "नजाकत", "तहजीब", रिवाज और मिठास डॉ. तारा सिंह की गजलों के समानार्थी हैं| एक बार जब आप उनके माध्यम से जाते हैं, तो आपको पता चलेगा कि आपने अपना समय बर्बाद नहीं किया है|
"शेर-ओ-शायरी" के लिए तारा जी का लगाव उसके बचपन से ही शुरू होता है| पुस्तक में 84 ग़ज़लें हैं| यद्यपि मैं दावा नहीं करता हूँ, पर मुझे विश्वास है कि जैसे ही आप इन गजलों के माध्यम से जाते हैं, "नयाब" (नये), गुलदस्ते के रूप में फूल, लाल, हरे, नीले, पीले रंगों के रंग से सजाये गये हैं, जिसे आप देखते ही बोलने के लिए मजबूर होंगे, "क्या खूब है, सू-ए-चमन!"
डॉ. तारा सिंह
डॉ. तारा सिंह, जाने-माने हिंदी साहित्यकार, एक बहुमुखी लेखक, कवि, लघु कथाकार, उपन्यासकार, गजलकार, फिल्मी गीतकार और निबंध रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हैं| अब तक उनकी 46 पुस्तकें प्रकाशित होकर विश्व-व्यापी ख्याति अर्जित कर चुकी हैं| सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों, व्यक्तिगत और सामाजिक विषयों, जीवन के दर्शन और वास्तविकता, जन्म और मृत्यु चक्र, आदि से सम्बंधित इन्होंने अपनी भावनात्मक और विचारशील रचनाओं के लिए व्यापक प्रशंसा प्राप्त की है|
इनकी रचनाएँ हमेशा वास्तविक तथ्यों और व्यक्तियों / परिवार के सदस्यों / दोस्तों के बीच संबंधों के मूल पहलुओं से संबंधित होता है| इस प्रकार, वे न केवल सुखद प्रेम का चित्रण करती है, बल्कि निराशा, विश्वासघात और अव्यवस्था जैसे विषयों पर भी लिखती रही हैं|
ये वर्तमान में www.swargvibha.com (एक प्रमुख हिंदी वेबसाइट) और स्वर्गविभा हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के प्रधान संपादक और प्रशासक के रूप में काम कर रही हैं|
इन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा 255 पुरस्कार / सम्मान / मानदोपाधि / ट्राफी से सम्मानित किया जा चुका है| इनकी रचनाएँ / पुस्तकें अब www.swargvibha.com और www.kukufm.com (ऑडियोबुक के रूप में), Google पुस्तकें, www.amazon.in, www.flipkart.com, इंस्टा पब्लिश, सुमन प्रकाशन, www.pothi.com, सेंट्रल एन्ड स्टेट लाइब्रेरीज़ इन इंडिया और दुनिया भर के 30 अन्य वेबसाइटों पर, दुनिया भर में उपलब्ध हैं| इनकी जीवनी बार्न्स एंड नोबल (यूएसए 2011) द्वारा और रिफासिमेंटो इंटरनेशनल द्वारा “हूज़ हू” 9 बार (2006-2019) और विकिपीडिया में प्रकाशित की गई हैं| इनकी रचनाएँ हमेशा गंभीर विचारों, विषयों, घटनाओं की गति और जीवन के दर्शन से भरी होती हैं|
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