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Baal Udyan / बाल उद्यान Children's Book

Author Name: Dr. Tara Singh | Format: Paperback | Genre : Children & Young Adult | Other Details

ज्यों सागर, विद्रुम के पेड़, सीपियाँ, दानाविध मछलियाँ तथा अन्य जल-जीव मन को मुग्ध करते हैं| वनों में पेड़ -पौधे, वेलें, वनस्पतियाँ, पल्लव, फल-फूल तथा हरियाली, हृदय को आनन्दित करती हैं| हिम से आच्छादित पर्वत-शृंगों पर जब सूर्योदयकालीन तथा सूर्यास्तकालीन लालिमा पड़ती है, तो चित्त प्रसन्नता से गदगद हो जाता है| सूने आकाश में बादलों का घिर आना, रिमझिम कर बरसना, आँखों को मनोहर लगता है| त्यों घर-आँगन में बच्चों की चहचहाहट, खिलखिलाहट, उनके रोने -चिल्लाने की आवाज, हृदय कोने के सूने भाग में खुशियाँ भर देता है, जो हमें इतना कुछ देते हैं, जिससे कि हम अपनी सारी, व्यथा-कथा भूल जाते हैं| उनके लिये मुझे भी तो कुछ करना चाहिए| यही सोच मुझे बाल उद्यान लिखने के लिए, मेरे हाथ में कलम और कागज़ पकड़ा दिया, और मुझसे जो कुछ संभव हो पाया, वह सभी आपके समक्ष प्रतुत है| हमें जानती हूँ, मुझसे पहले भी अनेकों कवि विद्वान, लेखक इन बच्चों के लिये एक से एक सुन्दर कविता, कहानी लिख गए हैं| आज भी लिखी जा रही है, और कल भी लिखी जायेगी| यह तो एक सागर है, और मैं उस सागर जल के एक बूंद का सौवां नहीं, शायद हजारवां हिस्सा रहूँगी|

प्रतिपल इस स्वप्न संसार के सामने सत्य संसार को, असत्य कर समुद्र-फेन को फाड़कर, सुन्दरता, सुकुमारता और उन्मत्तता का संदेश देने वाले, इन नन्हें, मुन्नों के लिए, मुझे भी कुछ करना चाहिए, जिससे कि ये सपने, उनका पिंड छोड़ दें| वे जीवन की वास्तविकता, और उनके मूल्य को जान सकें| अपने पग ही नहीं, अपने कर, चक्षु, कर्ण, नासिका सभी को विराट रूप देकर, इस त्रिभुवन को ही नहीं, त्रिकाल का भी ओर-छोर माप सकें और इनके छोटे-छोटे हाथ, कल बड़ा होकर उपवन में खिली चमेली के फूल को, ऊँचे पर्वतों पर से उतार सकें|

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डॉ. तारा सिंह

डॉ. तारा सिंह, जाने-माने हिंदी साहित्यकार, एक बहुमुखी लेखक, कवि, लघु कथाकार, उपन्यासकार, गजलकार, फिल्मी गीतकार और निबंध रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हैं| अब तक उनकी 50 पुस्तकें प्रकाशित होकर विश्व-व्यापी ख्याति अर्जित कर चुकी हैं| सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों, व्यक्तिगत और सामाजिक विषयों, जीवन के दर्शन और वास्तविकता, जन्म और मृत्यु चक्र, आदि से सम्बंधित इन्होंने अपनी भावनात्मक और विचारशील रचनाओं के लिए व्यापक प्रशंसा प्राप्त की है|

इनकी रचनाएँ  हमेशा वास्तविक तथ्यों और व्यक्तियों / परिवार के सदस्यों / दोस्तों के बीच संबंधों के मूल पहलुओं से संबंधित होता है| इस प्रकार, वे न केवल सुखद प्रेम का चित्रण करती है, बल्कि निराशा, विश्वासघात और अव्यवस्था जैसे विषयों पर भी लिखती रही हैं|

ये वर्तमान में www.swargvibha.com (एक प्रमुख हिंदी वेबसाइट) और स्वर्गविभा हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के प्रधान संपादक और प्रशासक के रूप में काम कर रही हैं| 

इन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा 257 पुरस्कार / सम्मान / मानदोपाधि / ट्राफी से सम्मानित किया जा चुका है| इनकी रचनाएँ / पुस्तकें अब www.swargvibha.com और www.kukufm.com (ऑडियोबुक के रूप में), Google पुस्तकें, www.amazon.in, www.flipkart.com, इंस्टा पब्लिश, सुमन प्रकाशन, www.pothi.com, सेंट्रल एन्ड स्टेट लाइब्रेरीज़ इन इंडिया और दुनिया भर के 30 अन्य वेबसाइटों पर, दुनिया भर में उपलब्ध हैं| इनकी जीवनी बार्न्स एंड नोबल (यूएसए 2011) द्वारा और रिफासिमेंटो इंटरनेशनल द्वारा “हूज़ हू” 9 बार (2006-2019) और विकिपीडिया में प्रकाशित की गई हैं| इनकी रचनाएँ हमेशा गंभीर विचारों, विषयों, घटनाओं की गति और जीवन के दर्शन से भरी होती हैं|

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