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BAARISH KI BHASHA / बारिश की भाषा BAARISH KI BHASHA

Author Name: Hitesh Ranjan Dey | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

बारिश की भाषा 

प्रकृति की अनुपम देन बारिश जैसे समय, काल, युगधर्म से अलग अपनी ही रौ में होती आई है बिलकुल वैसे ही प्रेम मानव-मन में बसा होता आया है, जिसे ऊँच-नीच, जाति-धर्म-संप्रदाय से कोई मतलब नहीं होता है। बारिश प्रकृति है, तो प्रेम मानव-मन में रह रहा अनमोल संसार है। जब किसी प्रेम करने वाले के चेहरे पर बरखा की बूँदें पड़ती हैं, तब उसे लगता है मानो उसकी प्रेमिका ने हौले से उसका चेहरा सहला दिया है। वाटिका में भीगकर प्रेम का एहसास या प्रेम में पड़कर बारिश में एक साथ भीगने की तमन्ना वही कर सकता है, जो सच्चा प्रेम करना जानते हैं। आत्मा में बसा आत्मिक, अलौकिक, अपूर्व प्रेम जब पावस से मिलता है, तो प्रकृति का एक नया रूप बन जाता है।

     ‘बारिश की भाषा’ में शामिल की गई कविताएँ यही काम करती हैं। ये कविताएँ हमको प्रेम की बारिश से, जीवन की बारिश से, संघर्ष की बारिश से नहलाती हैं और हमें तरोताज़ा करती हैं। ये कविताएँ आकाशगंगा की तरह हमारे दुखों को सजाती हैं। चुनिंदा कविताओं का यह संचयन कविता के पाठकों के लिए आकाशगंगा की तरह है, जिसे कविता के विविध रंगों से रंगा गया है। इसमें शक की कोई गुंजाइश नहीं कि यह प्रयास समकालीन हिंदी कविता के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

डॉ. रानी श्रीवास्त

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हितेश रंजन दे

हितेश रंजन दे 'रवि'

जन्म   :  12 जुलाई, 1990

शिक्षा   :  स्नातक ( इतिहास )

प्रकाशित कृतियाँ :  'मोदी महिमा' तथा 'कोरोना       काल का सफ़र' नामक  कविता-      संग्रह प्रकाशित।

सम्पादन  :  'बूँद-बूँद का प्यार' और  'बारिश       की भाषा'  नाम से दो        चुनिंदा कविताओं के संकलन       का चयन एवं संपादन।

सम्मान   :  'मोदी महिमा' पुस्तक के लिए       कृषि व खाद्य मंत्री श्री रणधीर 

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