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Dard Me Jhulasaa Huaa Man / दर्द में झुलसा हुआ मन

Author Name: Dr. Satish Kumar Srivastava | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

दर्द में झुलसा हुआ मन, और चेहरे पर धुआँ

है जहां मुट्ठी में फिर भी, लोग तनहा हैं यहाँ

कहने को तो हैं हज़ारों लोग और रिश्ते तमाम

पर अंधेरे में उजाले के लिए जाएँ कहाँ

कौन है जो मन लगाकर के पढ़े मन की किताब

कौन है दिल से सुने जो, टूटे दिल की दासतां

है ये असली फूल या कागज़ के नकली फूल हैं

अब यहाँ पहले सी मंडराती नहीं हैं तितलियाँ

यहा ख़ुदा क्या हो गया है, आजकल इन्सान को

आदमीयत की चिता पर, आदमी की रोटियाँ

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डॉ. सतीश कुमार श्रीवास्तव

नाम - डॉ. सतीश कुमार श्रीवास्तव
उपनाम- नैतिक
पिता का नाम- स्व. महेंद्र लाल श्रीवास्तव
माता का नाम- श्रीमती दुर्गा श्रीवास्तव
जन्म-तिथि- 15 अक्टूबर 1979
जन्म स्थान- सैनिक अस्पताल, नई दिल्ली
शिक्षा- पीएच.डी. (हिंदी)
पैतृक निवास- ग्राम-ककरासों, पोस्ट-बेल्थरा रोड, जिला-बलिया, उ.प्र., पिन-221715
स्थायी पता- 83/4के/1के, शिवगंगापुरम, उमरपुर नीवां, धूमनगंज, प्रयागराज, उ.प्र., पिनकोड-211011
संप्रति- हिंदी अध्यापक
प्रकाशित रचनाएँ- वागर्थ समेत विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख एवं रचनाएँ प्रकाशित
सम्मान एवं पुरस्कार-
 पहली पुस्तक चलो अब आदमी बना जाए (हिंदी ग़ज़ल-संग्रह) को प्रकाशक द्वारा बेस्ट सेलर सम्मान
 पंजाब एसोसिएशन, चेन्नई द्वारा दो बार सर्वश्रेष्ठ युवा कवि सम्मान
 किशोर काल में शलभ साहित्यिक संस्थान, इलाहाबाद द्वारा सांत्वना पुरस्कार
 आकाशवाणी इलाहाबाद एवं चेन्नई द्वारा कविता-पाठ का प्रसारण
 विभिन्न स्थानीय एवं राष्ट्रीय कवि-सम्मेलनों में कविता-पाठ
वर्तमान पता-
न्यू नंबर 59, ओल्ड नंबर 47, डोर नंबर 3, श्री रमातिलगम फ्लैट्स, ऑफीसर कॉलोनी थर्ड स्ट्रीट, मेहता नगर, चेन्नई, पिनकोड-600030

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