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Ek Kalam Betiyon Ke Naam / एक कलम बेटियों के नाम

Author Name: Shivani Srivastava And Muskan Keshri | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

इस पुस्तक के शीर्षक-रखने का एक मात्र उद्देश्य यह है कि जन जन तक यह बात पहुंचाना कि हर बच्चे अपनी मां बाप के लिए हमेशा छोटे ही रहते है... परंतु वे छोटे होते नहीं है। हर मां बाप को अपने बच्चों को उनके बचपने में ही स्पर्श और अस्पर्श में फर्क समझाए,उन्हें सभी अनजान व्यक्तियों से दूर रखे ,सिर्फ अनजान से ही नहीं उनके जानने वालो से भी। कभी किसी के भरोसे न छोड़े ...अगर बच्चे कुछ कहना चाहते हैं तो उनकी जरूर सुने उन्हें अनसुना ना करें, उनका साथ दें। हम लड़कियां बाहर तो लड़ लेते हैं, जीत लेते हैं पर घर में हार जाते हैं वजह घर वाले.... मां बाप द्वारा बच्चों को अनदेखा कर रिश्तेदारों को तवज्जू देता देख टूट जाते हैं। मेरा हर एक परिजनों से निवेदन है ....बच्चों को समझें,उनकी सुने और सही समय पर स्पर्श और आस्पर्श आदि चीजों के विषय से उन्हें परिपक्व बनायें।।

 
 
 

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शिवानी श्रीवास्तव और मुस्कान केशरी

मुस्कान केशरी स्व० मनोज केशरी जी और संध्या देवी जी की सुपुत्री हैं। मुस्कान केशरी जी एम. एस केशरी प्रकाशन की CEO है, साथ ही साथ वो एक लेखिका एवं कवयित्री हैं। मुस्कान एनसीसी कैडेट, ब्यूटीशियन, शिक्षिका भी हैं। मूल रूप से मुस्कान मुजफ्फरपुर, बिहार से ताल्लुक रखती हैं। इन्होने लेखन की शुरुआत की और धीरे - धीरे लेखन में इनकी रूचि बहुत ज्यादा हो गई। ये नये - नये विषयों पे  कविता, कहानी लिखना पसंद करती हैं। ये  200 +काव्य संग्रह और 15 साझा संकलन की संकलनकर्ता रह  चूँकी है।

शिवानी श्रीवास्तव
छात्र एवम कवित्री
जनपद - फैज़ाबाद (अयोध्या) उत्तर प्रदेश
शैक्षिक योग्यता- MSW(Master of social work)
जन्म - 05/04/1999
पिता- सुरेश कुमार श्रीवास्तव
माता- शिवकुमारी श्रीवास्तव
पता - नियांवा, नया पुरवा ऊंचवा फैज़ाबाद, अयोध्या। 
 
 
 

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