Share this book with your friends

Ghutata nahi kya dam? / घुटता नहीं क्या दम?

Author Name: Rakesh Saxena "shams" | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

छंदमुक्त विधा की इस कृति घुटता नहीं क्या दम? में अनेकानेक विशेषताएं आंख.मिचौनी की क्रीड़ा करती नजर आएँगी। शीर्षक के सामने आते ही रचनाकार की सामाजिक सरोकारों से जुड़ी दृष्टि का ध्वनि संकेत मिलना प्रारंभ हो जाता है। कृति में सामाजिक विसंगतियों और विडम्बनाओं के उल्लेख की आहट मिलने लगती है, क्रमशः जनवादी चेतना प्रकृति और पर्यावरण के प्रति लगाव, चिन्ता और चिन्तन समाज के दीन.हीन और शोषितजनों से जुड़ी संवेदनाएं, बढ़ते भ्रष्टाचार राजनीतिक क्षेत्र में तीव्रता से गिरते नैतिक मूल्य और आदर्शों को देखकर रचनाकार के मन में उत्पन्न होने वाला तीव्र आक्रोश समाज सुधार की उपदेशात्मक दृष्टि, आध्यात्मिक चिंतन दर्शन प्रेम तत्व के निरूपण सौंदर्य बोध के कोमल बिम्बो सहित अन्य अनेक विशेषताओं का एक सुगंधित गुलदस्ता प्रस्तुत करने का एक मात्र प्रयास है। जो पाठकों को पसन्द तो आएगा ही साथ ही पाठकों के लिए निश्चित ही शिक्षाप्रद भी साबित होगा।

Read More...

Ratings & Reviews

0 out of 5 ( ratings) | Write a review
Write your review for this book
Sorry we are currently not available in your region.

राकेश सक्सेना "शम्स"

राकेश सक्सेना ‘शम्स’

जन्म-   30 मई 1956

पिता-  स्व0 श्री विशेश्वर दयाल सक्सेना

माता- स्व0 (श्रीमती) विद्या देवी

पत्नी-  श्रीमती रजनी सक्सेना

अभिरुचि- साहित्य सृजन व समाज सेवा

सम्प्रति- सेवानिवृत्त, वरिष्ठ सहायक, जिलाधिकारी कार्यालय, एटा (उ0प्र0)

पैत्रिक निवास स्थान- शम्साबाद, (फर्रुखाबाद)

Read More...

Achievements

+3 more
View All