"कलाकार की क़लम" यह एक संग्रह है कुछ काल्पनिक कुछ वास्तविक कल्पनाओं का। प्रत्येक काव्यांश और कविताओं का समूह आंतरिक मन के साथ लिखा गयाहैं। "कलाकार" वास्तविकता में कल को आकार देने की कला है, मैंने अपनी कलम से मानवता, मित्रता, मोहब्बत, नफ़रत, इंसानियत के साथ-साथ गाँव का भी ज़िकर किया है। प्रिय पाठक आशा करता हूँ, मैं आपकी उम्मीदों पे खरा उतरूँ। मैं हिमांशु शर्मा (कलाकार) सभी पाठकों का बहुत-बहुत आभारी हूँ।