मज़बूत शुरुआत
यह किताब हर माँ-बाप के लिए है जो अपने छोटे बच्चे की परवरिश प्यार, समझ और अपनापन से करना चाहते हैं।
बच्चे के पहले दो साल ज़िंदगी की नींव रखते हैं — इन्हीं सालों में वह बोलना, महसूस करना, चलना और दुनिया को समझना सीखता है। इस किताब में माँ अंकिता और उसकी नन्ही बेटी परी की छोटी-छोटी कहानियों के ज़रिए दिखाया गया है कि रोज़मर्रा की स्थितियों में माँ-बाप कैसे अपने बच्चे की ज़रूरतों को पहचान सकते हैं और सही तरीके से उसकी मदद कर सकते हैं।
हर अध्याय एक नई “स्थिति” लेकर आता है — जैसे बच्चे की नींद की आदतें, प्यार और लगाव, सहानुभूति, मौसम के अनुसार देखभाल, भोजन की आदतें और कहानी-कविताओं से जुड़ाव। हर जगह कुछ आसान और उपयोगी सुझाव दिए गए हैं जो माता-पिता को रोज़मर्रा की चुनौतियों में काम आएँगे।
भाषा सीधी और दिल से निकली है — जैसे कोई अपने अनुभव अपने दोस्त से बाँट रहा हो।
डॉ. के. के. साहू का उद्देश्य है कि हर भारतीय माता-पिता अपने बच्चे की परवरिश को बोझ नहीं, बल्कि आनंद और सीख का सुंदर अनुभव मानें।
यह किताब आपको बताएगी कि कैसे छोटे-छोटे कदमों से एक मज़बूत शुरुआत की जा सकती है — जहाँ बच्चा सिर्फ़ बड़ा नहीं होता, बल्कि खुशहाल और संवेदनशील इंसान बनता है।
Sorry we are currently not available in your region. Alternatively you can purchase from our partners
Sorry we are currently not available in your region. Alternatively you can purchase from our partners