संबंध, संवेदना और हाशिए पर टंगे विविध सरोकारों पर पिछले दो दशकों से कविता में अपनी पैठ बनाने वाली कवयित्री आरती स्मित की यह चौथी काव्य कृति 'मायने होने के' मायनों की विविध तहें खोलती हैं। पिता पर एक साथ कई कविताएं ध्यान खींचती हैं। पिता को समर्पित इस कविता संग्रह की कविताएं जीवन और संबंध के ताने बाने को बुनती, उघाड़ती, उघड़न के कारण को व्याख्यायित करती हुई, समाज के अनदेखे या उपेक्षित आयामों को भी अपने सरोकार का हिस्सा बनाती चलती हैं।