यदि प्रकाशनाधीन काव्य-संकलन समय पर प्राप्त हो गए तो यह काव्य-संकलन ७८वाँ होगा। मैं इस उपलब्धि के लिए उत्साहित हूँ। लेखन अभी गतिमान है। माँ सरस्वती की क्या योजना है मैं नहीं जानता। अनेक कारणों से पूर्व की १८०१० कविताएँ प्रकाशित नहीं करवा पाया इसे अपना दुर्भाग्य न कहूँ तो और क्या कहूँ। जैसी प्रभु इच्छा। इस काव्य-संकलन तक २३९६१ कविताएँ लिख चुका हूँ मैं। हो सकता है यह भी कोई उपलब्धि हो।