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MERI IKYAVAN KAVITAAYEN SHRINKHALA BHAAG - SEVEN / मेरी इक्यावन कविताएँ शृंखला (भाग - सात)

Author Name: Dr. Vinay Kumar Singhal "nishchhal" | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

आजकल मेरे चेतन-अचेतन, दोनों ही मन अन्यमनस्क हैं। कविता मेरे प्राणों में बसती है इसलिए लेखन जीवित है।

कुछ आयु का, कुछ परिवेश का, कुछ वातावरण का और कुछ अन्यमनस्कता का, समवेत प्रभाव यह है कि अपनी ही पुस्तक का उपोद्घात् लिखना तक बहुत दुष्कर लगने लगा है। आज प्रातः गिर गया, शरीर में गुप्त चोटें आई हैं कुछ दिन में पीड़ा का भी शमन हो ही जाएगा।

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डॉ. विनय कुमार सिंघल "निश्छल"

डॉ. विनय कुमार सिंघल का जन्म पिता लाला प्रेम प्रकाश, बिजली वाले व माता श्रीमती प्रकाश वती के घर बाजार सीता राम, दिल्ली-११० ००६ में ११-०७-१९४९ (श्रावण के प्रथम सोमवार) को हुआ। इन्होंने B.Sc.,LL.B. व गणित, विधि, हिन्दी, अँग्रेज़ी में स्नातकोत्तर अध्ययन के अतिरिक्त पत्रकारिता, ज्योतिष, अंक-विद्या, हस्त-रेखा विज्ञान, सामुद्रिक शास्त्र, गायन, पेंटिंग, पोर्ट्रेट्स, समस्त इनडोर व आउटडोर गेम्स, एथलैटिक्स आदि में दक्षता प्राप्त की।

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