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phareedapur ka bos parivaar / फरीदपुर का बोस परिवार

Author Name: Siva Prasad Bose, जय बोस | Format: Paperback | Genre : History & Politics | Other Details

जब इतिहास एक रात में आपका घर छीन ले, तो परिवार क्या करता है?

यह पुस्तक बसु रॉय चौधरी परिवार — जिसे बोस परिवार के नाम से जाना जाता है — की कहानी है, जिनकी जड़ें सदियों पुरानी हैं। पूर्वी बंगाल के फरीदपुर जिले के उलपुर गाँव में। हमारे पूर्वजों को मुगल सम्राट से जागीर मिली थी, और ब्रिटिश काल में वे उस क्षेत्र के प्रमुख जमींदार बने। उलपुर में उनकी भव्य जमींदारी बारी, काली मंदिर और विशाल भूसंपत्ति थी। फिर 1947 आया। विभाजन ने सब कुछ बदल दिया। बंगाली हिंदू होने के कारण परिवार को अपनी पुश्तैनी जमीन छोड़कर भारत आना पड़ा।

यह पुस्तक उस यात्रा का दस्तावेज़ है — उलपुर जमींदारी बारी के बचे हुए भवनों से लेकर दिल्ली के कश्मीरी गेट और चित्तरंजन पार्क में परिवार के पुनर्वास तक। इसमें ऐतिहासिक शोध, वंशावली, व्यक्तिगत यादें और एक निःस्वार्थ महिला की अविस्मरणीय कहानी भी शामिल है जिसने अकेले दम पर पूरे परिवार को दिल्ली में खड़ा किया।

भारतीय पारिवारिक इतिहास, बंगाल और विभाजन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक अनमोल पुस्तक।

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शिव प्रसाद बोस, जय बोस

शिव प्रसाद बोस भारतीय कानूनों के पहलुओं से संबंधित विभिन्न परिचयात्मक गाइडबुक के लेखक हैं। उन्होंने कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की और मेरठ विश्वविद्यालय, मेरठ से कानून की डिग्री प्राप्त की। वह उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में कई वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी रुचि परिवार कानून, नागरिक कानून, अनुबंधों के कानून और पावर ग्रिड से संबंधित कानून और बिजली राजस्व से संबंधित मुद्दों के क्षेत्र में है।

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