इस पुस्तक में विल्होजी, उनके शिष्यों तथा समकालीन विशनोई कवियों द्वारा रचित मूल साखियों का संकलन कविनाम व अनुमानित जीवनकाल के साथ पृथक पृथक दिया गया है। इन साखियों में कई ऐतिहासिक महत्व की साखियां भी शामिल है-
1. विक्रम संवत् 1673 को मुकाम में पंथनियम, जांभाणी थाट व निज मंदिर के कलश की रक्षा हेतु हुए खड़ाणे की साखी।
2. विक्रम संवत् 1661 को रैवासड़ी में वृक्ष रक्षार्थ हुए खड़ाणे की साखी।
3. तिलवासनी गांव के विसनोईयों द्वारा खेजड़ला गांव में वृक्ष रक्षार्थ किए खड़ाणे की साखी।
4. विक्रम संवत् 1664 को जांभोलाव मेले में धानु पुनियां के बलिदान की साखी।
5. विक्रम संवत् 1700 को पोलावास गांव के बुचोजी ऐचरा द्वारा वृक्ष रक्षार्थ बलिदान देने की साखी।
6. विक्रम संवत् 1710 को जांभोलाव पर गंगापार के विसनोईयों द्वारा खड़ाणे की साखी।
7. विक्रम संवत् 1700 को धवा गांव के रामुजी खोड़ द्वारा कापरड़ा गांव में पंथनियम रक्षार्थ बलिदान देने की साखी।
8. विक्रम संवत् 1593 में मुकाम में वियोग के खड़ाणे की साखी।
9. नागौर के रामदास द्वारा पंथनियम रक्षार्थ बलिदान की साखी।
इन ऐतिहासिक साखियों के अतिरिक्त और भी कई महत्वपूर्ण साखियां शामिल है।
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