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Yoga, Yogi and Politics / योग, योगी और राजनीति

Author Name: Engineer D. K. Prabhakar | Format: Paperback | Genre : BODY, MIND & SPIRIT | Other Details

पोराणिक काल में योगी खाना एवं पानी पीना छोडकर भी योग के सहारे हजारों वर्षो तक कृशकाय शरीर लेकर भी जीवित रहते थे। रामायण के रचियता बाल्मीकी के बारे में तो प्रसिद्ध है कि वह योग करते करते अपने शरीर की सुध बुध भूलकर प्रभु भक्ति में इतने मुग्ध थे कि उन्हें अपने शरीर का भी भान नहीं रह गया था और दीमकों ने उनके शरीर को ढककर अपनी बामी ही बना ली थी। जिससे उनका नाम ही बाल्मीकी पड़ गया था। 

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इंजीनियर डी॰ के॰ प्रभाकर

·         एक गरीब मजदूर ( राजगीर) परिवार में जन्म के बाद उच्च शिक्षा लेकर निम्न महत्वपूर्ण कार्य, समाज सेवा व सहित्य सृजन किए

·         भारत सरकार के कलकत्ता स्थित प्रथम भूमोगत मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के मैदान स्टेशन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका तत्पश्चात दुर्गापुर (प॰ब॰) थर्मल पावर स्टेशन व ललितुर (उ॰प्र॰) बांध परियोजना का निर्माण

·         विशाखापटनम स्टील प्लांट निर्माण के बाद

·         1984 से भारतीय अंतरिक्ष विभाग के PSLV प्रोजेक्ट त्रिवेनद्रुम व लखनऊ (उ॰प्र॰) के ईटीवी स्टुडेओ, इस्ट्रेक ग्राउंड स्टेशन तथा रेमोट सेन्सिंग एप्लिकेशन सेंटर का निर्माण

·         कटक (उढ़ीसा) स्थित नेताजी सुभास चंद बॉस जन्म स्थान का पुनुरुद्धन व म्यूजियम बनाने का सम्पूर्ण कार्या।

·         प्रभाकर उद्योग प्रा॰ लिमि॰के चेयरमेन व प्रबंध निदेशक रहते अनेक निर्माण

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