दुनिया मे जब हम जन्म लेते है और ज़ब हम मरते है उसके बीच की पूरी ज़िन्दगी हमारे लिये एक जंग ही होती है। ज़िन्दगी हर एक मोड़ पर हमारा इम्तिहान लेती है और हर मोड़ पर हमें कुछ ना कुछ तो जरूर सिखाती है। कभी अकेले जीना सिखाती है, तो कभी खुदसे तो कभी खुदा से लड़ना सिखाती है, कभी बहुत हसाती है तो कभी हमें बहुत रुलाती है तो कभी हमें बहुत सताती है। बचपन मे हमें ये ज़िन्दगी बहुत अच्छी और बिना उलझनों सी लगती है लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते है वैसे-वैसे जिम्मेदारीयाँ, परेशानिया सब कुछ अचानक से जैसे हमारे लिये बढ़ती ही जाती है।