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Ghunghat Uthao Janu / घूँघट उठाओ जांनू Comedy Play

Author Name: Kalawatkl | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

कलावत के एल द्वारा लिखित हास्य नाटक में सुहागरात के दिन पति और पत्नी अपनी विशेष रात मनाते है। इस दिन पति द्वारा पत्नी का घूँघट उठाया जाता है। घूँघट उठाने पर पत्नी को तोहफा प्रदान करने की प्रथा है। पति जब घूँघट उठाता है तब कई स्थितियॉं उत्पन्न होती है और घूँघट उठते उठते रह जाता है। परन्तु समय बीतता हुआ देखकर पत्नी स्वयं ही घूँघट  उठाने के पीछे पड़ जाती है और कहती है कि घूँघट उठाओ जांनू। इसके बाद भी कई नाटकीय मोड़ से होते हुये अन्ततः पति पत्नी का घूँघट उठा लेता है और कहानी का अन्त होता है।

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कलावत के. एल.

लेखन रचना में मुख्यमंत्री श्रीमान अशोक गहलोत जी द्वारा प्रशंसा प्राप्त कर चुके कलावत के-एल- रंगमंच एवं आत्मरक्षा के क्षेत्र में कई वर्षों से कार्य कर रहे है। कई नाटकों में अपनी अभिनय प्रतिभा को रंगमंच पर प्रस्तुत किया। तत्पश्चात् लेखन कार्य आरम्भ किया। समकालीन लिखे नवीन नाटकों को रंगमंच पर दर्शाया। निर्देशन का कार्य किया। राजस्थान सरकार और भारत सरकार के कार्यों में अपनी प्रस्तुति प्रदान कर पुरस्कृत हो चुके है। राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर गोल्ड मेडल प्राप्त किये। मार्शल आर्ट प्रशिक्षक के क्षेत्र में भी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भाग दिलाया और राजस्थान का ही नहीं भारत का नाम भी रोशन किया।  

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