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Swamit Swarit / स्वामित स्वरित आनंद की ओर स्वयं की यात्रा/ A Journey of Joy

Author Name: Amit Kumar Pandey | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

वेद पुराण और गीता का ज्ञान

कहता इसे ईश्वर का निः स्वार्थ काम

कहते है सब कर्म भोगने आते है

या , स्वय को जानने का अवसर पाते है ?

सब जन्म कहाँ से पाते है?

फिर, लौट कहाँ को जाते है?

सब जो दिख रहा मात्र एक माया है?

या , ब्रह्माण्ड ही एक मात्र काया है??

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अमित कुमार पांडे

शब्दों का न कोई रोक होता

भाषा का न कोई टोक होता

भय से न मेरे हाथ रुकते

उन्मुक्त हो पन्तियो, छन्दों में हम विचरते!!

लघुता न हमारे आड़े आती

अस्ति त्व सुक्ष्म – विराट के दर्शन कराती

समाज का, धारणा का न कोई अवरोध होता

परम हमारा जोश होता!!

"सब झोंक कर हम रिक्त हो जाते

ऐसा कुछ रच कर अमित हो जाते

सच में ही स्वय से हम पूर्ण हो जाते

शत प्रति शत आनंदस्वरूप हो जाते"

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