“आवारा” एक लड़के की संघर्ष कथा है। कहानी का नायक देव अपने पिता के वर्ताव से दुखी होकर घर छोड़कर भाग जाता है। पिता की नजरों मे वह आवारा है। उसका दोष सिर्फ इतना है कि वह अपने बचपन की दोस्त गौरी को प्यार करता है। घर छोड़ने के बाद शुरू होती है उसके संघर्ष की कहानी। इसी बीच सेना मे वह अनुशासित सैनिक बन जाता है। परंतु उसके पिता अब भी उसे आवारा ही समझते हैं। जब वह घायल अवस्था मे सैनिक अस्पताल मे होता है तभी गौरी की शादी उसकी इच्छा के विरुध्द कर दी जाती है। देव की मुलाकात श्रीनगर मे रिटायर्ड मेजर राघव और उसकी बेटी रूमा से होती है जो देव को प्यार करने लगती है। इसी बीच मेजर राघव की आतंकवादियों द्वारा हत्या कर दी जाती है और रूमा का अपहरण कर पाकिस्तान ले जाया जाता है। देव, रुमा और गौरी दोनो को मुशीबत से निकालना चाहता है। दोनो ही उसे प्यार करती हैं। क्या देव रूमा को पाकिस्तानी आतंकवादियों के चंगुल से छुड़ा पाएगा ? क्या रूमा या गौरी देव से शादी कर पायेगी? यह कहानी पढ़कर पाठक स्वयं जान जायेंगे।
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