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Adhyatm Darshan / अध्यात्म दर्शन Aatam Gyan (आत्म-ज्ञान)

Author Name: Dr. G. Bhakta | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

पंच भौतिक प्रकृति की जैविक सृष्टि में मानव-चेतन सत्ता के रुप में उद्भूत वाणी (भाषा) भाव (अभिव्यक्ति) चेतना (ज्ञान) का प्रतिफलन जीवन का चरम व्यापार लेकर प्रकट हुआ जो अपने आप में उद्भुत विविधता, विराटता, उपयोगिता, उपादेयता पोषण और धारण से भूषित जगत पृथ्वी के धरातल, वन, पर्वत, सागर, वायुमंडल और आकाश पर अपनी सत्ता कायम कर विश्व का शिरमौड़ बना जिसमें ज्ञान गुण और कला रुप निधि ही सर्वोच्च विद्या का श्रेय प्राप्त रहा।

आज यह मानव अखिल विश्व को अपने हाथों से गुणवत्ता वैचारिकता और सदाशयतता से संचालित कर रहा है। इन्हीं गुणात्मक गरिमा की विशिष्टता का सम्वरण आत्मिक नैतिक और बौद्धिक मानव पर मानव जीवन को सींचता हुआ जगत का कल्याण अबतक करता हुआ उसकी सत्यासत्य झाँकी आज के परिवेश में प्रस्तुत करने का प्रयास ही वह अध्यात्म दर्शन है जो आपको सादर हस्तगत कर रहा हूँ।

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Kshitij

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डा. जी. भक्त

डॉ. जी. भक्त (लेखक/कवि) एक ऐसे लेखक हैं जिनका काम सामाजिक कल्याण, शिक्षा और चरित्र निर्माण पर केंद्रित है। जन्म वैशाली के पटेढ़ा जयराम ग्राम में 05 अगस्त 1649 को गरीब कुशवाहा परिवार में हुआ। बचपन से तीव्र बुद्धि एवं अनुशासन के प्रति सचेष्ट रहे। सतत आपका विद्यार्थी जीवन उत्तम आदर्श एवं पुरस्कृत रहा। छात्रवृतियाँ पाई। आपने उच्च विद्यालय की छः वर्षो तक सेवा की, तदुपरान्त होमियोपैथिक चिकित्सा विज्ञान की उपाधि पाकर जन सेवा में जुट गये। आदर्श स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण केन्द्र तथा होमियापैथि चिकित्सा शोध एवं कल्याण संस्थान बेलसर हार्ट (रजि०) वैशाली के निदेशक के रुप में विलक्षण सेवा कर रहे है। सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील आप चिकित्सा के क्षेत्र में भी अपनी अभूतपूर्व देन दी है। चार बार अंन्राष्ट्रीय मंच पर आप शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके है। आपकी प्रतिभा हिन्दी संस्कृत और अंग्रेजी के माध्यम से काव्य सर्जना के साथ अन्य विधाओं में निखर रही है। आपके शोध और प्रयोग प्रशंसनीय है।

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