अफ़साना - ये किताब कलकत्ता के रहने वाले अभिषेक घोष (कलकत्तावाले) का शायरी की चौथी किताब है | इन्होने पिछले दशक मे बहुत सारी शेर ओर नज़्म लिखा है जो इस दशक मे बिभिन्न किताब के रूप मे पेश करने वाले है | पिछले महीने इन्होने किताब का पहला और दूसरा भाग प्रकाशित किया है| इस महीने इन्होने किताब का तीसरा भाग प्रकाशित किया है| कलकत्तावाले बंगाली होने के साथ साथ हिन्दी शेर जगत मे भी अपना नाम दर्ज किया है | वे इंटरनेट जगत मे शेर-ओ-शायरी से अपने सौ के करीब फॉलोवर्स का मनोरंजन करते है| इंस्टाग्राम @नोएल्लोरेंज़बलॉग / @कलकत्तावाले वेबसाइट: ववव.नोएल्लोरेंज़.कॉम