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Eid Ki Raat / ईद की रात Upanyaas (Novel)

Author Name: Dr. Tara Singh | Format: Paperback | Genre : Letters & Essays | Other Details

‘ईद की रात’ शीर्षक उपन्यास, समाज को एक नई रौशनी देनेवाला उपन्यास  है| ऐसा मैं दावे के साथ नहीं कह सकती, पर समाज की कुछ कुरीतियाँ, तथा रुढ़िवादियों पर चोट अवश्य है| हम जिसके साथ जिंदगी के सफ़र पर निकलने जा रहे हैं| उसे बिना देखे, आजमाए सफ़र का साथी चुन लेना, किसी भी तरह युक्तिसंगत नहीं होगा| माना कि पति-पत्नी, एक दूसरे का पूरक है| एक मस्तिष्क, तो दूसरा ह्रदय है| मस्तिष्क और ह्रदय एक दूसरे का पूरक होकर भी एक ही पथ से चलेंगे, ऐसा नहीं होता है| 

माना कि जीवन के निश्चित बिन्दुओं को जोड़ने का कार्य हमारा मस्तिष्क करता है, पर इस क्रम से बनी परिधि में सजीवता के रंग भरने की क्षमता ह्रदय में ही संभव है|

‘ईद की रात’ मेरे उपन्यास के ग्यारहवें उत्थान का परिचायक है| इसमें उपन्यास का मुख्य नायक और नायिका, दोनों ही निम्न मध्यम श्रेणी परिवार से  हैं| पहली मुलाक़ात में ही दोनों मन ही मन एक दूसरे पर अपनी जान छिड़कते हैं| दोनों के ही अन्दर युवा उमंगों  और मचलते अरमानों के ढेव, सामान रूप से उठते हैं| पर हमारी पुरातन रूढ़ि-रीतियों  तथा मध्यकाल से ही चली आ रही हमारी सामाजिक व्यवस्थाएं, दोनों के रास्ते अलग कर देते हैं| जिससे मुझे बड़ी पीड़ा हुई| दोनों के व्यक्तिगत सुख-दुखों एवं मानसिक ऊहापोहों को नवीण बोध की धरातल पर उठाने के साथ ही, जग-जीवन से भी नवीण बोध के धरातल पर उठाने के साथ, ही जग-जीवन से भी नवीण रूप से सम्बन्ध स्थापित करने की आकांक्षा मुझे ‘ईद की रात ‘ लिखने के लिए प्रेरित करने लगी थी| मैं अपने अनुभवों की आँच पर तपकर, अपने मन को नवीण रूप से, नवीण विश्वासों में ढालना चाहती थी| यह उपन्यास, ’ईद की रात’, इसी का परिचायक है|

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डॉ. तारा सिंह

डॉ. तारा सिंह, जाने-माने हिंदी साहित्यकार, एक बहुमुखी लेखक, कवि, लघु कथाकार, उपन्यासकार, गजलकार, फिल्मी गीतकार और निबंध रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हैं| अब तक उनकी 54 पुस्तकें प्रकाशित होकर विश्व-व्यापी ख्याति अर्जित कर चुकी हैं| सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों, व्यक्तिगत और सामाजिक विषयों, जीवन के दर्शन और वास्तविकता, जन्म और मृत्यु चक्र, आदि से सम्बंधित इन्होंने अपनी भावनात्मक और विचारशील रचनाओं के लिए व्यापक प्रशंसा प्राप्त की है|

इनकी रचनाएँ  हमेशा वास्तविक तथ्यों और व्यक्तियों / परिवार के सदस्यों / दोस्तों के बीच संबंधों के मूल पहलुओं से संबंधित होता है| इस प्रकार, वे न केवल सुखद प्रेम का चित्रण करती है, बल्कि निराशा, विश्वासघात और अव्यवस्था जैसे विषयों पर भी लिखती रही हैं|

ये वर्तमान में www.swargvibha.com (एक प्रमुख हिंदी वेबसाइट) और स्वर्गविभा हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के प्रधान संपादक और प्रशासक के रूप में काम कर रही हैं| 

इन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा 257 पुरस्कार / सम्मान / मानदोपाधि / ट्राफी से सम्मानित किया जा चुका है| इनकी रचनाएँ / पुस्तकें अब www.swargvibha.com और www.kukufm.com (ऑडियोबुक के रूप में), Google पुस्तकें, www.amazon.in, www.flipkart.com, इंस्टा पब्लिश, सुमन प्रकाशन, www.pothi.com, सेंट्रल एन्ड स्टेट लाइब्रेरीज़ इन इंडिया और दुनिया भर के 30 अन्य वेबसाइटों पर, दुनिया भर में उपलब्ध हैं| इनकी जीवनी बार्न्स एंड नोबल (यूएसए 2011) द्वारा और रिफासिमेंटो इंटरनेशनल द्वारा “हूज़ हू” 9 बार (2006-2019) और विकिपीडिया में प्रकाशित की गई हैं| इनकी रचनाएँ हमेशा गंभीर विचारों, विषयों, घटनाओं की गति और जीवन के दर्शन से भरी होती हैं|

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