दो अनजान लोग दुनिया के अलग - अलग कोनो से आकार इत्तेफाक से एक दूसरे से मिलते है, और धीरे धीरे कब वो इतने करीब आ जाते है की "एक दूजे के" हो जाते है। उन्हें भी नही पता होता एक दूसरे का अहसास, हाथो में हाथ, जन्मों - जन्मों के साथ सा लगने लगता है। यह पुस्तक इसी भावना को वयक्त करती है जिसमे अलग अलग लेखकों के द्वारा इसी भावना को
अपने - अपने शब्दो में दर्शाने की कोशिश की गई है।