पुस्तक का परिचय
“जब उसने मेरा हाथ थामा” आत्मा को छूने वाली एक जीवनी है। यह एक महिला की बचपन से लेकर उनके उम्रदराज होने तक की घटनाओं से भरी हुई कहानी को प्रस्तुत करती है। उनके जीवन के कई आयामों को शब्दों में पिरोया गया है, जिनमें कठोर वास्तविकताओं और चौंकाने वाली सच्चाई को प्रदर्शित करना भी शामिल है।
इस आकर्षक पुस्तक में सोचने पर मजबूर कर देने वाले कई विषयों का खुलाया गया है, जिनमें लैंगिक भेदभाव, उत्पीड़न, जोड़-तोड़, छिपे हुए रहस्य और यहां तक कि हत्या के प्रयास से जुड़ी जिज्ञासा भी शामिल हैं!
यह प्रेरक पुस्तक आपको निम्न कार्य करने में सक्षम बनाएगीः
अपने जीवन की बागडोर अपने हाथों में रखें क्योंकि यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है कि जीवन आपके लिए हो, न कि आपके साथ।
कमजोरियों को ताकत में बदलकर अधिक सफल बनें।
अपनी सकारात्मक विचार प्रक्रियाओं के जरिये अधिक आत्मविश्वास प्राप्त करें।
उन बाधाओं को दूर करके बहुत कुछ हासिल करें जो आपको एक परिपूर्ण जीवन जीने से रोकती हैं।
इस पुस्तक को पढ़ते समय, आप पाएंगे कि जीवन में चमत्कारों का निरंतर बढ़ता प्रवाह कैसे अनुभव किया जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह पुस्तक निस्संदेह खुद में और सर्वोच्च शक्ति में आपके विश्वास को मजबूत करेगी।
“और एक बार तूफान के गुजर जाने के बाद, आपको याद नहीं रहेगा कि आपने इसे कैसे पार किया, आप कैसे जीवित रहने में कामयाब रहे। आपको यह भी यकीन नहीं होगा कि क्या तूफान वास्तव में खत्म हो गया है। लेकिन एक बात निश्चित है। जब आप तूफान से बाहर आएंगे, तो आप वही व्यक्ति नहीं होंगे जो उसके अंदर गए थे। तूफान का असल मकसद यही होता है।”
— हारुकी मुराकामी