“जवान” एक आम सैनिक की संघर्ष गाथा है |इस कहानी का नायक रुद्र है जो गाँव से शहर पढ़ने के लिए आता है| इसी दौरान उसकी मुलाकात आराधना से होती है जो कि कॉलेज में उसकी सहपाठिका है| रुद्र का लक्ष्य सेना में सैनिक बनना है| वह तीसरे प्रयास में सेना में भर्ती हो जाता है पर उसके अंतर्मन में यह संघर्ष चलता है कि यदि वह एक सामान्य सैनिक ही रहा तो हो सकता है आराधना के माता पिता उसे अपना दामाद स्वीकार न करें| उसका दूसरा लक्ष्य सेना में अफसर बनना है ताकि वह आराधना से शादी कर सके |वह अथक प्रयास करता है और सेना में अफसर बन जाता है और उसकी शादी आराधना से हो जाती है| कालांतर में आराधना दुर्घटना का शिकार हो जाती है और अपाहिज हो जाती है| वह चाहती है कि रुद्र उसकी बहन सपना से शादी कर ले| क्या सपना की शादी रुद्र से हो पाएगी? जानने के लिए पढिए मेरा 34 वां उपन्यास “जवान”