मकड़जाल अजय सिंह राणा का पहला कहानी संग्रह है। इस कहानी- संग्रह में कुल 7 कहानियां है। सभी कहानियां प्रेम विषय को लेकर भावनात्मक दृष्टिकोण पेश करती हैं। इस संग्रह की कहानियां भारतीय ज्ञानपीठ की प्रतिष्ठित पत्रिका नया ज्ञानोदय, दैनिक भास्कर की पत्रिका अहा जिंदगी में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी कहानी आज तक चैनल के साहित्य तक कार्यक्रम में भी प्रसारित हो चुकी है। हरियाणा और चंडीगढ़ के युवा कथाकार और उपन्यासकार अजय सिंह राणा अपनी रचनात्मकता के प्रति न सिर्फ निष्ठावान हैं बल्कि अपनी कथा भाषा, कथ्य और ट्रीटमेंट के प्रति भी बहुत सचेत रहते हैं। ये उपन्यास और कहानियाँ लिखते रहे हैं। इनके उपन्यास तथा कहानियों ने पाठकों को आश्वस्त किया है कि ये नए समय का संज्ञान लेने वाले लेखक हैं। जी वन एक मकड़जाल ही तो है जहाँ हम उलझते हैं, सुलझते हैं.... और फिर कहानियाँ जन्म लेती हैं । हर व्यक्ति एक कहानी के साथ जीता है और उसके साथ ही मर जाता है लेकिन कुछ कहानियों को ही पन्ने नसीब होते हैं। मुझे लगता है कि मानवीय जीवन का यह सत्य भी शब्दों में ढलकर पृष्ठ पर कहानी के रूप में उतरता है। प्रेम मानवीय जीवन की सबसे अहम जरूरत है । मेरी कहानियाँ इसी तत्त्व के आसपास बुनी गई हैं। हालांकि जीवन के बाकी तत्त्व भी मेरी कहानियों में अछूते नहीं रहे हैं लेकिन इनका केंद्रीय बिंदु प्रेम है। मुझे लगता है कि इस युद्ध से झुलसी दुनिया को प्रेम के आयामों को समझना जरूरी है। प्रेम से बड़ा सत्य क्या है जो आज समाज में फैले द्वेष को मिटा सकता है !