“मन की हार, ज़िंदगी की जीत” एक प्रेरणात्मक पुस्तक है जो आत्म-विकास, मानसिक दृढ़ता और जीवन के संघर्षों से निकलने की राह दिखाती है। यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो जीवन में कभी थके हैं, टूटे हैं या असफल हुए हैं, लेकिन फिर भी एक नई शुरुआत करने की इच्छा रखते हैं।
हर अध्याय पाठकों को उनके भीतर झाँकने, अपने डर को समझने और उसे पार करने की प्रेरणा देता है।
इस पुस्तक में आप जानेंगे:
• मन की प्रकृति और उसे समझने की कला
• डर और असफलता से निकलने के व्यावहारिक तरीके
• आत्म-संवाद और आत्मविश्वास का निर्माण
• ख्वाहिशों को ज़िंदा रखने का साहस
• मन को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया
• और जीवन को एक सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने का तरीका
लेखक धीरेंद्र सिंह बिष्ट की यह दूसरी कृति है। इनकी पहली पुस्तक “अग्निपथ – हर मोड़ एक कहानी” को पाठकों का शानदार प्रतिसाद मिला है।
“मन की हार, ज़िंदगी की जीत” एक ऐसी किताब है जो न केवल सोच को बदलती है,
बल्कि जीवन को देखने का नज़रिया भी।
भाषा: हिंदी
श्रेणी: आत्म-विकास | प्रेरणा | मानसिक शक्ति
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