डॉ. कौशिक चौधरी द्वारा लिखित यह पुस्तक, "नकली नारायण सहजानंद", एक ऐसे ऐतिहासिक षड्यंत्र का पर्दाफाश करती है जिसने भगवान विष्णु, भगवान शिव, देवी शक्ति और अन्य वैदिक देवताओं को एक सामान्य मनुष्य का सेवक बताकर पूजने के लिए अयोग्य कह दिया और उस सामान्य मनुष्य को अंग्रेजों की मदद से सनातन धर्म का एकमात्र सर्वोपरि भगवान बना देने की कोशिश की। यह पुस्तक स्पष्ट करती है कि 19वीं सदी में अंग्रेजों ने सनातन हिंदू धर्म को अंदर से नष्ट करने के लिए ईसाई पादरियों की मदद से स्वामीनारायण संप्रदाय रूपी एक नए पंथ और नए भगवान को हिंदू दिखावे और हिंदू शब्दों के साथ स्थापित करने का कार्य किया, और आज वह षड्यंत्र विस्तृत होकर दुनियाभर के हिंदुओं का धर्मांतरण कर रहा है। यह पुस्तक एक गहरे ऐतिहासिक और शास्त्रीय शोध का दस्तावेज़ है। यह मात्र एक पुस्तक नहीं है, बल्कि धर्म के नाम पर चल रहे अधर्म को चुनौती देने और सत्य को पुनर्स्थापित करने का एक बहुत बड़ा अभियान है!