मुंबई की लोकल ट्रेन, मुंबई की लाइफलाइन है। अनाथ 'टाइगर' जो एक पॉकेटमार है, इसी लाइफलाइन के सहारे बड़ा हुआ है। एक दिन इसी लोकल ट्रेन में 'टाइगर' की मुलाक़ात 'तन्वी' से होती है और फिर, उसकी ज़िन्दगी उलझ जाती है। जैसे - जैसे कहानी आगे बढ़ती है, रहस्य गहराता जाता है और रोमांच बढ़ता चला जाता है।
'तन्वी' कौन है?
क्या 'टाइगर' इन उलझनों से निकल पाता है?
यह पुस्तक 'पॉकेटमार', ऐसे ही ढेर सारे सवालों का जवाब देती है।