हर एक ईन्सान में दबी कहानी की जाँच पड़ताल करते रहने का मेरा स्वभाव रहा है। निर्दोष छोटे छोटे बच्चों को पढाने का कार्य करने का मौका बरसों से मुझे मिला है। तो ऊन बच्चों के भीतर दबी संवेदनाओं से नाता तो जुड़ ही जाना था, ये तो संभव बात थी। परिणामतः मेरे पास पढ रहे बच्चों के भीतर झाँकने के अवसर अनेको बार बनते रहते है। ऊन छात्रों में छुपी संवेदना न केवल कहानी बनकर रह जाती, बल्कि आपको जरुर अहेसास होगा कि ये संवेदन कहानी से भी उपर है। ऊन में से कुछ संवेदनाऍं ''रोल नंबर्स'' शीर्षक से यहाँ आप के सामने यथातत रखने की कोशिश की है।