यह पुस्तक लेखक की भावनाओं के रोलर कोस्टर राइड को उन शब्दों में समेटे हुए है जो हमेशा से उनका निवास स्थान रहे हैं। पुस्तक मोटे तौर पर 2 भागों में विभाजित है; अंग्रेजी और हिंदी। यह प्रेम, विश्वास, विकास, सपनों और आशाओं के इर्द-गिर्द घूमती है।
सेजल सोनवणे, २१, अपने परिवार के साथ, नाशिक, महाराष्ट्र में रहती है। वह प्राणि शास्त्री है तथा MBA की विद्यार्थिनी है साथ ही UPSC की तयारी कर रही है। सेजल ने अपना लिखान तब शुरू किया जब वह १६ साल की थीं, उपनाम ' नूर ' से। उन्होंने कई कार्यक्रमों में भाग लिया, जो पुणे और मुंबई में सफल हुए। वह मुसाफिर नामक संकलन की सह-लेखक भी हैं।
"मुझे अभी भी एक लेखक के रूप में एक लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन मेरा मानना है कि इस तरह के निरंतर प्रयास ही आपका मार्ग प्रशस्त करते हैं"
उनसे sejalsonawane00@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है और उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर नए अपडेट देखे जा सकते हैं; sejal_sonawane__ और red_poet__