“सीमा प्रहरी” एक सैनिक की प्रेम कथा है- उसके इरादे की, हौसले की, संघर्ष की और सफलता की। कहानी का नायक विजय अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध सीमा सुरक्षा बल मे एक आम सैनिक की तरह भर्ती हो जाता है जबकि उसके पिता उसे भारतीय सेना मे एक अधिकारी के रूप मे देखना चाहते हैं। उसके विद्रोह का कारण है- पिता का सख्त अनुशासन और माँ का अति दुलार।भारत-बंग्लादेश सीमा पर वह एक लड़की रूना की इज्जत लुटने से बचाता है और उससे ही उसे प्यार हो जाता है। उसे बंग्लादेश सीमा पार करने का दोषी पाया जाता है जबकि यह अपराध उसने किया ही नही । वह रूना से शादी करना चाहता है पर एक आम सैनिक होने की वजह से उसे कई वर्षों तक संघर्ष करना पड़ता है। रूना से उसकी शादी मृग-मरीचिका बन जाती है। वह अपने लक्ष्य पर सफल होता है या नही- यह कहानी पढ़कर पाठक स्वयं जान जाएंगे
Sorry we are currently not available in your region. Alternatively you can purchase from our partners
Sorry we are currently not available in your region. Alternatively you can purchase from our partners