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Swapn-Sansrati evam adrashya manasi satta / स्वप्न-संसृति एवम् अदृश्य मानसी सत्ता Darshnik vivechan / (दार्शनिक विवेचन)

Author Name: Dr. N. M. Gupta | Format: Paperback | Genre : Philosophy | Other Details

प्रस्तुत रचना विधाता के अदृश्य विधानों को उजागर करने का प्रयास है| सृष्टि में सब कुछ सप्रयोजन है | स्वप्न जन्म-जन्मांतर का सत्य है, दैवीय चेतना की विलक्षण सर्वकालिक अभिव्यक्ति है, भाग्य लिपि का चिरंतन आलेख है| सत्य कहें तो विधाता के ब्रह्माण्डीय  विधान की संरचना का एक भाग है | रचना स्वप्न जगत् के इसी सर्वकालिक सत्य को प्रस्तुत करने का सार्थक प्रयास है, जहाँ शास्त्रीय प्रमाणों के साथ स्वजीवन की अनुभूतियाँ हैं|  

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डा. एन. एम. गुप्त 'सत्येन्'

डॉ. एन. एम. गुप्त 'सत्येन्' एक प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवम् आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में जाने जाते रहे हैं । एम.ए. (हिंदी एवम् अंग्रेजी साहित्य) उत्तीर्ण करने के बाद, उन्होंने 1973 में एस.पी. विश्वविद्यालय, गुजरात से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने जी.बी. पंत डिग्री कॉलेज, कछला, बदायूं एवम् पी.जी. कॉलेज, गंज डुंडवारा (आगरा विश्वविद्यालय), कासगंज, यू.पी. में 1998 तक व्याख्याता रीडर के रूप में कार्य किया। उन्होंने वैदिक शास्त्र, सूफीमत एवम् ईसाई धर्मों का गहन अध्ययन करते हुए कई बार इस्लामी और वैदिक सम्मेलनों में भी भाग लिया। वह विगत 51 वर्षों से निरंतर अष्टांग योग साधना में स्वजीवन समर्पित कर चुके हैं| एक लेखक के रूप में, उनकी दार्शनिक रचना 'पड़ी रह गई थाती', 2015 में प्रकाशित हुई। अब वह एकांतिक अध्यात्म मार्ग के पथिक के रूप में शेष साहित्यिक रचनाओं की पूर्णता की ओर अग्रसर हैं।

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