हिंदी फिल्म जगत में संगीत के सुनहरे दौर में वैसे तो अनेकों गीतकार हुए लेकिन उनसे से ज्यादातर ने अपनी भाषा में उर्दू को प्रमुखता दी ऐसे दौर में साहित्यिक हिंदी में गीत लिखना कितनी बड़ी चुनौती रही होगी आज इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। उस दौर में कवि प्रदीप , पंडित नरेंद्र शर्मा जैसे गीतकारों में से एक थे पंडित भरत व्यास जिनकी कलम से लिखे गीतों ने प्रसिद्धि के विराट गगन को स्पर्श किया। उनके गीत जैसे 'ऐ मालिक तेरे बन्दे हम', 'आधा है चन्द्रमा' इत्यादि आज भी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।
पंडित भरत व्यास की फिल्मों पर अब तक का सबसे अनूठा, सम्पूर्ण एवं प्रामाणिक ग्रन्थ जिसमे उनकी सभी फिल्मों की जानकारी , सभी फिल्मों के पोस्टर्स , उनकी जीवनी , गैर फिल्म गीत एवं उनकी काव्य रचनाओं के अलावा और भी बहुत सी दुर्लभ जानकारी दी गयी है। हिंदी फिल्मों के गीतकारों पर बहुत कम पुस्तकें उपलब्ध है, उसी कड़ी मे प्रस्तुत है पंडित भरत व्यास फिल्मोग्राफी 'तुझे मेरे गीत बुलाते हैं '