शब्द तो बचपन से साथी रहें हैं| कभी सतह पर तो कभी ह्रदय की गहराइयों में छिपे हुए| उन्हीं अल्फ़ाज़ों की कलमबद्ध श्रृंखला ये किताब है, जो आपके हाथों में है| सालों की संवेदनाओं, भावनाओं और वेदनाओं का अक्स प्रस्तुत करने को उत्सुक है ये शब्द| जीवन सतत गतिमान है, रास्ते बदलते हैं, लोग बदलते, विचार बदलते हैं, बस नहीं बदलता तो वो है अतीत और अतीत की परछाइयाँ| भावनाएँ जब उसी अतीत की गहराइयों में जाकर लौटती हैं, तो अपने साथ जो लातीं हैं, वही है जो आँखों की कोरों को नम करता है| भावनाओं का वही सफ़र, अतीत की वही विस्तृत यात्रा है इस किताब में|
कभी कविताओं के रूप में, कभी गज़लों के माध्यम से और कभी निराले दोहों के जरिए, इस तमोमय जीवन में, मेरे विचारों को ज्योतिर्मय रखा है मेरे शब्द रूपी मित्रों ने| आज भी इन शब्दों की श्रुतियाँ, झंकृत हो जातीं है मेरे कानों में, उन्हीं गहरी भावनाओं के साथ| और याद आते हैं कुछ लोग, जिनका प्रेम और योगदान जीवन में आज भी विद्यमान है|
अब ये शब्द, ये अल्फ़ाज़, मैं आपके हवाले कर रहा हूँ इस पुस्तक के माध्यम से| अपेक्षा है की ये आपको भी अपने उन्हीं पलों का दीदार करवाएंगे, जो अक्सर अतीत के अंधकार में भी ओझल नहीं होते| किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ|
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