मैं सोचने को मजबूर हो गया | हम इंसान तो अच्छे से अच्छे दोस्तों को भी एक लंबे अंतराल के बाद भुला देते हैं और फिर बहाना करते हैं कि जीवन की व्यस्तता में समय ही नहीं मिला | मैं समझता हूँ कि इसका कारण हमारी बुद्धि है जो हमें सच को छुपाना ,झूठ बोलना ,और झूठ को सच साबित करने के लिए भांति भांति के उपाय करना सिखाती है |समय के साथ साथ दोस्त और रिश्ते नाते बदलते रहते हैं | हमारा व्यवहार हमारी जरूरतों के अनुसार बदलता रहता है | निश्छल प्यार तो हम कर ही नहीं पाते परंतु कुत्तों के साथ ऐसा नहीं है | वो जिसे प्यार करते हैं ,दिल खोल कर करते हैं और उसकी अभिव्यक्ति भी करते हैं | यही वजह है कि डैनी दिल खोलकर अपने प्यार की अभिव्यक्ति करता था ........डैनी मेरे परिवार के साथ करीब आठ साल रहा | मैं अपनी सेना की ड्यूटी पर देश की रक्षा में तैनात था और वो मेरे परिवार की रक्षा में | एक दिन मुझे चिट्ठी मिली कि डैनी अब नहीं रहा ........| उसे पड़ोसन महिला ने खाने में उसे जहर मिला कर दे दिया | यह संदेश पढ़कर मुझे असीम पीड़ा हुई | मेरा एक प्यारा वफादार दोस्त अब इस दुनिया से जा चुका था .......