10 Years of Celebrating Indie Authors

kumar samvad

writer and youtuber
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कुमार मेरा नाम नहीं है लेकिन कुमार मैं ही हूँ।  कुमार संवाद कुमार की बातें हैं। मुझे लोग क्यूँ पढ़ें इसका उत्तर मेरे पास नहीं है सिवाय इसके की मैं कबीर की तरह बहुत सारे लोगों को सुनता हूँ और कबीर की तरह दिल से कहता हूँ। मैं आईआईटी, आईRead More...


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उत्तरपाड़ा आख्यान

Books by महर्षि अरबिंद घोष

अपने एक वर्ष के कारावास के दौरान अरबिन्द लंबे समय तक एकांतवास में रहते हैं। इसी दौरान उनको आत्मसाक्षात्कार होता है और वह योग साधना के उच्च स्तर पर पहुँचते हैं। 1909 में जेल से बा

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INDIAN HISTORY

Books by Kumar Samvad

This book explores the Indian drishti to look into Indian history. I have never been in doubt about the necessity of history. The only question before me while writing this book was "what should be the drishti to look at Indian history?" Should it be hero centric? Should it be people centric? Should the political struggle be in center? Should it be a documentation of economic causes and consequences? Should social causes be the basis for historical event

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भारतीय इतिहास

Books by कुमार संवाद

यह पुस्तक भारतीय इतिहास को देखने के लिए भारतीय दृष्टि की खोज करती है। इतिहास की आवश्यकता को लेकर मैं कभी भी संशय में नहीं रहा हुं। इस पुस्तक को लिखने से पहले मेरे सामने एकमात्र

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ISLAMO PHOBIA

Books by Kumar Samvad

This book contains the history of India, it contains the facts of the present, it imagines the future of India and there are many visions to see all of them. Even after calling the book a story literature, this book will certainly appear in the original discussion on many topics and presenting new principles, some new fabricated words may also appear, but it is clear in its purpose. 

This book has been written for the directionless and

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अंतिम हिंदी महाकाव्य

Books by जयशंकर प्रसाद

कामायनी हिंदी भाषा का आधुनिक छायावादी युग का सर्वोत्तम और प्रतिनिधि हिंदी महाकाव्य है। 'प्रसाद' जी की यह अंतिम काव्य रचना 1936 ई. में प्रकाशित हुई, परंतु इसका प्रणयन प्राय: 7-8 वर्ष पू

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महाप्राण

Books by सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

20 के दशक के पूर्वार्ध में भी कुछ महाकाव्य लिखे गए किंतु जयशंकर प्रसाद के 'कामायनी' तक आते आते परम्परा ने दम तोड दिया। उपन्यास ने महाकाव्य का लगभग सबकुछ छीन लिया किंतु भाव पक्ष अ

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Hindu Phobia

Books by Kumar Samvad

This book contains the history of India, it contains the facts of the present, it imagines the future of India and there are many visions to see all of them. Even after calling the book a story literature, this book will certainly appear in the original discussion on many topics and presenting new principles, some new fabricated words may also appear, but it is clear in its purpose. 

             This

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AN UNEQUAL BATTLE

Books by Kumar Samvad

This book contains the history of India, it contains the facts of the present, it imagines the future of India and there are many visions to see all of them. Even after calling the book a story literature, this book will certainly appear in the original discussion on many topics and presenting new principles, some new fabricated words may also appear, but it is clear in its purpose. 

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THE GOLDEN PHOENIX

Books by Kumar Samvad

This book contains the history of India, it contains the facts of the present, it imagines the future of India and there are many visions to see all of them. Even after calling the book a story literature, this book will certainly appear in the original discussion on many topics and presenting new principles, some new fabricated words may also appear, but it is clear in its purpose.

This book has been written for the directionless and purposeless soc

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मैं नास्तिक क्यूं हूं

Books by भगत सिंह

भगत सिंह ने जेल में रहते हुए यह लेख लिखा था और यह 27 सितम्बर 1931 को लाहौर के अखबार “द पीपल“ में प्रकाशित हुआ। स्वतन्त्रता सेनानी बाबा रणधीर सिंह 1930-31के बीच लाहौर के सेन्ट्रल जेल

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नागफनी

Books by कुमार संवाद

जिनको नागफनी में केवल काँटे नहीं दिखते हैं, जिनको सफेद रंग में केवल विश्वास नहीं दिखता, जो रक्त को केवल नरसंहार नहीं कह्ते, जो नागफनी के जंगल के परे भी सत्य को देखने की दॄष्टि रखते

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स्वर्णिम भष्मबीज

Books by कुमार संवाद

यदि आप तक 'हिंदुफोबिया' पुस्तक पहुंच चुकी है तो यह पुस्तक आपके लिये नहीं है। यदि नहीं, तो यह शृंखला एक शुरुआत हो सकती है। हिंदुफोबिया पुस्तक की लंबाई को देखते हुए एक सुझाव पुस्त

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एकपक्षीय युद्ध

Books by कुमार संवाद

  यदि आप तक 'हिंदुफोबिया' पुस्तक पहुंच चुकी है तो यह पुस्तक आपके लिये नहीं है। यदि नहीं, तो यह शृंखला एक शुरुआत हो सकती है। हिंदुफोबिया पुस्तक की लंबाई को देखते हुए एक सुझाव पुस्त

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इस्लामोफोबिया

Books by कुमार संवाद

यदि आप तक 'हिंदुफोबिया' पुस्तक पहुंच चुकी है तो यह पुस्तक आपके लिये नहीं है। यदि नहीं, तो यह शृंखला एक शुरुआत हो सकती है पुस्तक की लंबाई को देखते हुए एक सुझाव पुस्तक को शृंखला के

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हिंदुफोबिया

Books by कुमार संवाद

 इस पुस्तक में भारत का इतिहास सम्मिलित है, इसमें वर्तमान के तथ्य भरे हुए हैं, इसमें भविष्य के भारत की कल्पना है और इन सभी को देखने की कई दृष्टि भी हैं। पुस्तक को कहानी साहित्य क

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लोकतन्त्र

Books by कुमार संवाद

यह पुस्तक लोकतंत्र की खोज संसद भवन या नेताओं की रैली में नहीं करती है। यह पुस्तक लोकतन्त्र की खोज करती है चाय की चर्चाओं में, रेल के डिब्बों में, शयनकक्ष में, परिवार के निर्णयों

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प्रेम परिस्थिति नियति

Books by कुमार संवाद

              कोई कहे की प्रेम नहीं छिछोरापन है, कोई कहे प्रेम नहीं वासना है, कोई कहे प्रेम तो वतन से करो, कोई कहे मां बाप से करो, कोई कहे शादी के बाद करो ,कोई कहे धोखा है, कोई

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माँ

Books by कुमार संवाद

माँ के प्रति भावनाएं व्यक्त करते हुए शब्द समाप्त हो जाते हैं, विशेषण समाप्त हो जाते हैं, प्रतिमान पुराने लगने लगते हैं और एक विवशता कि स्थिति उत्पन्न हो जाती है जहां व्यक्त बहु

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कविता

By kumar samvad in Young Adult Fiction | Reads: 1,095 | Likes: 7

दिल्ली में पढ़ने वाले अधिकतर लड़के जिस तरह के पीजी में रहते हैं वैसा ही एक पीजी मुझे भी मिल गया। तीसरी मंजिल पर 7×8   Read More...

Published on Jun 16,2022 02:53 PM

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